- गांव सरायइम्मा में आठ दिसंबर 2015 को गोली मारकर की गई थी युवक की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमपी सिंह ने आसिफ हत्याकांड में दोषी पाते हुए आफताब को आजीवन कारावास व 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
डीजीसी वरुण राजपूत के अनुसार लइक अपने तहेरे भाई के साथ अपने भाई आसिफ के साले नफीस की शादी में आठ दिसंबर 2015 को गांव सरायइम्मा में गया था। शादी में उसका भाई आसिफ अपनी पत्नी के साथ एक दिन पहले से ही ससुराल में मौजूद था। वहां किसी बात को लेकर उसकी गांव सरायइम्मा के आफताब से कहासुनी हो गई। आठ दिसंबर को ही करीब दोपहर में 12 बजे में आफताब अपने भाई कादिर, पूसा व एक अन्य आदमी के साथ आया। आसिफ को घर से बाहर बुलाकर बोला कि तू बहुत दादा बन रहा है। कादिर, पूसा आदि के उकसाने पर आफताब ने तमंचा निकाल लिया। आसिफ ने भागना चाहा तो तीनों ने उसे घेर लिया। आफताब ने आसिफ को गोली मार दी। घायल आसिफ को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आफताब से घटना में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने सिर्फ आफताब के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने कादिर और पूसा को धारा 319 में अभियुक्त के रूप में विचारण के लिए तलब किया था। कोर्ट ने इस मामले में आफताब को धारा 302 आईपीसी, धारा 25 आर्म्स एक्ट में दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। कादिर व पूसा पर आरोप सिद्ध नहीं होने पर दोनों को बरी कर दिया है।