बिजनौर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रकाश चंद्र शुक्ला ने अनुसूचित जाति की नाबालिग लड़की के अपहरण एवं दुष्कर्म में दोषी पाते हुए कन्हैया शर्मा को आजीवन कारावास एवं एक लाख 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से एक लाख रुपये पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए हैं।
धामपुर क्षेत्र के एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अनुसूचित जाति का व्यक्ति है। उसकी पुत्री 16 वर्ष की है। कन्हैया शर्मा निवासी गांव लुफ्तीपुर थाना नूरपुर अपने जीजा के पास रहता था। वह 31 जुलाई 2020 की रात्रि में उसकी पुत्री को ले गया। जब वह कन्हैया के घर गया तो उन्होंने उसकी पुत्री को वापस करने का आश्वासन दिया। मगर उसकी पुत्री को वापस नहीं किया। पुलिस ने लड़की को बरामद किया। लड़की ने बताया उसके साथ कन्हैया ने दुष्कर्म किया था। जबकि जिला बरेली की महिला ने उसे छुपाकर रखने में मदद की थी।
पुलिस ने इस मामले में कन्हैया व आरोपी महिला के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। विशेष लोक अभियोजन अधिकारी योगेंद्र सिंह के अनुसार इस मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने पर कोर्ट ने महिला को बरी कर दिया है। कन्हैया शर्मा को एससी एसटी एक्ट में आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड एवं नाबालिग से दुष्कर्म में 10 वर्ष के कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड और अपहरण में तीन वर्ष के कारावास के साथ 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।