बिजनौर। एआईआईईए (ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लॉइज एसोसिएशन) के आह्वान पर एलआईसी कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ हड़ताल की। एलआईसी के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने काम नहीं तो वेतन नहीं के आधार पर एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की।
कर्मचारियों ने श्रम कानूनों में किए गए बदलावों, बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) बढ़ाने के निर्णय का विरोध किया। कर्मचारियों ने कहा कि चार नई संहिताओं के माध्यम से कर्मचारियों के संगठन बनाने सामूहिक सौदेबाजी करने और हड़ताल करने जैसे लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित किया जा रहा है। कर्मचारियों ने इसे श्रमिक वर्ग की आवाज को दबाने का प्रयास बताया। वहीं, कर्मचारियों ने निगम में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग उठाई। अध्यक्ष नंदगोपाल रस्तोगी ने कहा कि कर्मचारियों की यह लड़ाई केवल वेतन या सेवा शर्तों की नहीं, बल्कि श्रमिक अधिकारों और सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं की सुरक्षा की लड़ाई है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकजुटता बनाए रखने और संगठन की ताकत को मजबूत करने का आह्वान किया। इस मौके पर सचिव राजकुमार, कपिल कुमार, रोहित कुमार, रोहिताश सिंह, मोहित त्यागी, प्रेम कुमार, संजय कुमार, योगेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।