बिजनौर। समाजवादी पार्टी में टिकट की दावेदारी मजबूत करने के लिए नेता लखनऊ के चक्कर लगा रहे हैं। सपा खेमे में हलचल है कि जल्द ही टिकट पर नाम फाइनल हो सकते हैं। इसी कारण दावेदार अभी से पूरा जोर लगा रहे हैं और अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं।
बिजनौर जिले में कुल आठ विधानसभा सीटें हैं। वर्तमान में इनमें से चार सीटों पर सपा के विधायक हैं। नजीबाबाद में तस्लीम अहमद, नगीना में मनोज पारस, नूरपुर में रामअवतार सैनी और चांदपुर में स्वामी ओमवेश सपा के विधायक हैं। इनमें अलावा बिजनौर, नहटौर, धामपुर में सपा के प्रत्याशी पिछले विधानसभा में दो हजार से कम वोटों के अंतर से हार गए थे। बढ़ापुर में सपा को बड़े अंतर से हार मिली थी। इस बार टिकट के नाम पर इन्हीं हारी हुई सीटों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पार्टी का मंथन मजबूत प्रत्याशी उतारने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य इन हारी हुई सीटों पर भी जीत सुनिश्चित करना है। दावेदारों की लंबी सूची पार्टी नेतृत्व के सामने है।
कुछ समय पहले राहुल सिंह और अनुज मलिक सपा में शामिल हुए हैं। इनमें राहुल सिंह भाजपा छोड़कर सपा में आए थे। इन नए चेहरों के आने से टिकट की दावेदारी और बढ़ गई है। ये नेता भी अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए लखनऊ में सक्रिय हैं। पार्टी के भीतर इनकी उम्मीदवारी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। पिछले चुनाव में जिन तीन सीटों पर सपा प्रत्याशी कम अंतर से हारे थे, उन पर खास रणनीति बनाई जा रही है। पार्टी इन सीटों पर ऐसे प्रत्याशी चाहती है जो मजबूत हों और जीत दिला सकें।