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अवैध कब्जा किया तो घोषित होंगे भूमाफिया

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अवैध कब्जा किया तो घोषित होंगे भूमाफिया
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बिजनौर। सिर्फ सरकारी ही नहीं बल्कि कमजोर या गरीबों की जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों पर प्रशासन की नजर टेढ़ी हो चली है। जमीनों पर जबरन काबिज लोगों को भूमाफिया घोषित किया जाएगा, जिसके लिए शिकायतों की समीक्षा की जाने लगी हैं। यह आकलन होने लगा है कि आखिर किसके खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज हो रही हैं।
प्रशासन इन दिनों सरकारी जमीनों पर कब्जा करने की शिकायतों पर विशेष गौर कर रहा है। पिछले कई दिनों से अवैध कब्जों पर बुलडोजर भी चालू है। दो दिन पहले ही 200 बीघा जमीन खाली कराई गई है। सरकारी जमीनों के साथ-साथ प्रशासन ने ऐसे लोगों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है जोगरीब तबके या कमजोर लोगों की जमीन पर जबरन कब्जा कर मालिक बने बैठे हैं। जमीन के असल मालिक शिकायत करके ही थक जाता है, लेकिन कुछ नहीं होता। कभी राजस्व तो कभी पुलिस में कमजोर लोग शिकायत लेकर पहुंचते हैं, सालों साल भी जमीन के मसले निपटते नहीं हैं।
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कमजोर लोगों की जमीनों पर कब्जा करने वालों का तिलिस्म तोड़ने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाने का मन बनाया है। जी हां, जो लोग कमजोर लोगों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, इनकी लिस्ट तैयार होने लगी है। शुरुआती दौर में उन शिकायतों की समीक्षा की जा रही हैं, जो बार-बार आती हैं और आरोपी एक ही पक्ष रहता है, जिससे यह मालूम पड़ सके कि आखिर कौन दबंग जमीनों पर कब्जा कर रहा है।
जमीनों को विवादित करने का बढ़ा ट्रेंड
प्रशासन और पुलिस की समीक्षा में प्रथम दृष्ट्या यह सामने आया है कि साफ सुथरी जमीन को पहले विवादित कर दिया जाता है। असल स्वामी अपनी जमीन को अविवादित करने के लिए भटकता रहता है। बाद में जमीन पर विवादित का तमगा लगते ही कुछ रसूखदार या दबंग प्रवृत्ति के लोग उस जमीन को औने पौने दामों में खरीद लेते हैं। कई मामलों मेें जमीन के असल मालिक को छोड़कर दो अन्य बाहरी पार्टियां ही लड़ने लगती हैं, जिसके चलते असल मालिक जमीन के कागजात होते हुए भी दूर होता चला जाता है।
बैनामा कर कर्ज की प्रवृत्ति कर रही विवादित
जिले में कर्ज लेने के लिए जमीन का बैनामा करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। भारी भरकम ब्याज पर कर्ज देकर जमीन का बैनामा साहूकार करा लेते हैं। हालांकि जमीन पर काबिज बैनामा करने वाला ही रहता है। चक्रवृद्घि ब्याज लगने पर जब कर्ज चुकता नहीं होता तो जमीन का बैनामा भी नहीं लौटाया जाता है। ऐसे में बैनामा किसी और के नाम चलता रहता है और जमीन पर काबिज कोई और। जिससे इस प्रकार की जमीन भी विवादित बन रही है।
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शिकायतों से ही निकाले जाएंगे नाम : एसडीएम सदर
एसडीएम सदर मोहित कुमार ने बताया कि अवैध कब्जों की जो शिकायतें आ रही हैं, उनका रिकॉर्ड रखा जा रहा है। उनमें से ही ऐसे नाम चिह्नित किए जाएंगे, जिस पर कई जगहों पर कब्जे के आरोप हैं। ऐसे आरोपियों को चिह्नित कर जांच कराई जाएगी और जांच में अवैध कब्जों के आरोप सही मिलने पर उसे भूमाफिया घोषित किया जाएगा।
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