धामपुर। थाना क्षेत्र के ग्राम नसीरपुर बनवारी में गन्ने के खेत में दवा का छिड़काव कर रहे 30 वर्षीय मजदूर सुनील कुमार की हाईटेंशन विद्युत लाइन के लटक रहे तारों की चपेट में आने से करंट लगने से मौत हो गई। घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव नहीं उठने दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने निगम अधिकारियों के खिलाफ गांव में हंगामा किया। आरोप है कि ग्रामीण कई बार जर्जर तारों को बदलने की मांग के बावजूद सुनवाई नहीं हुई।
बुधवार सवेरे गांव निवासी सुनील पुत्र विक्रम सिंह गांव के एक किसान के गन्ने के खेत में मशीन से दवा का छिड़काव कर रहा था। इसी दौरान वह खेत से ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने से सुनील की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही कुछ ही देर में भीड़ जमा हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने विद्युत निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस, विद्युत निगम व तहसील प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों व ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।
ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों में विद्युत लाइनें बेहद नीचे लटकी हुईं हैं। कई बार शिकायत के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। निगम अधिकारियों की उदासीनता के कारण हादसे हो रहे हैं। परिजनों ने मृतक के परिजनों और आश्रित को निगम में नौकरी दिलाने और एक करोड़ का मुआवजा दिलाने की मांग की। इस मौके पर कार्यकर्ताओं के साथ गांव पहुंचे आजाद समाज पार्टी के मंडल महासचिव एवं सांसद प्रतिनिधि विवेक सेन ने चेताया कि अधिकारियों ने वादाखिलाफी की तो आंदोलन होगा।