बिजनौर जिले के स्योहारा स्थित शुगर मिल के डिस्टलरी प्लांट की गिरी दीवार।
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बिजनौर के स्योहारा में पांच मजदूरों को काल का ग्रास बनाने वाली दीवार केवल दो महीने पहले ही बनी थी। नई दीवार सोमवार शाम को पलभर में ही भरभराकर गिर गई। पलक झपकते ही पांच मजदूरों की मौत से परिवारों में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। उधर, नई दीवार गिरने पर सभी लोग निर्माण कार्य को लेकर उंगली उठा रहे हैं।
सरकारी निर्माण कार्यों में अनियमितता मिलना आम बात है। हालांकि निजी क्षेत्र में नई दीवार गिरने का यह शायद पहला मामला है। मजदूरों के अनुसार दीवार दो महीने पहले ही बनाई गई थी। दीवार 12 फीट ऊंची और 12 इंच चौड़ी थी। बेसमेंट में होने के कारण ऐसी दीवार मजबूत बनाई जाती हैं। दो महीने पहले बनी ये दीवार सोमवार को रेत की दीवार की तरह ढह गई। दीवार के मलबे के नीचे दबकर पांच मजदूरों की मौत हो गई।
प्लांट में काम करने वाले मजदूरों के अनुसार जैसा माल मिलता था, वैसा ही वे काम में लगा देते थे। उनको नहीं पता दीवार कैसे अचानक गिर गई। अगर दाईं ओर भी दीवार गिर गई होती तो उसकी चपेट में बाकी मजदूर आ जाते, तब हादसा और गंभीर हो सकता था।
इन गांवों के लोग करते थे काम
डिस्टलरी प्लांट में मुकरपुरी, टांडा, भूतपुरी आदि गांवों के मजदूर काम करते थे। मजदूर अक्सर देर तक काम करते थे। इसके अलावा कस्बे के मजदूर भी यहा काम करते थे।
ठेकेदार देर तक कराता था काम
प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों के अनुसार ठेकेदार काम जल्दी निपटाने के लिए मजदूरों से देर तक काम कराते हैं। सोमवार को भी मजदूर देर तक काम कर रहे थे। अगर मजदूरों को देर तक काम करने के लिए नहीं रोका जाता तो यह हादसा नहीं होता।