- साल 2017 में तीन पिलर दरकने की वजह से बंद कर दिया गया था पुल से आवागमन
- मरम्मत की गुजाइंश तलाशने पर भी खर्च हो गए लाखों रुपये
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अचल चौधरी
बिजनौर। पहाड़ों पर बारिश से कोटावाली नदी में उफान आया तो हरिद्वार काशीपुर नेशनल हाईवे के ट्रैफिक रोक दिया गया, पुलिस भी तैनात करनी पड़ी। यह अबकी बार नहीं हुआ बल्कि बीते छह सालों से हो रहा है। दरअसल, पुल से आवागमन बंद होने की वजह से नीचे रपटे से वाहन निकलते हैं। रपटे पर पानी आता है तो वाहनों के पहिए थम जाते हैं।
हालांकि बराबर में पुल भी है जो अब इस्तेमाल में नहीं लाया जाता। जिस पर छोटे वाहन ही चल सकते हैं। बता दें कि 25 करोड़ की लागत से बना यह पुल सिर्फ 16 ही अपनी सेवाएं दे सका और मियाद पूरी होने से पहले ही दरक गया। यूं तो बराबर में नया पुल बनाकर तैयार कर लिया गया है लेकिन उसके चालू होने में अभी महीनों का वक्त लग सकता है।
साल 2001 में नजीबाबाद और हरिद्वार के बीच पड़ने वाली सभी बरसाती नदियों पुल बनाए गए थे। उस वक्त केंद्र सरकार ने उत्तराखंड सरकार को यह सौगात दी थी। अचानक साल 2017 में कोटावली नदी पुल के तीन पिलर दरक गए। पिलर दरकने से पुल का स्लैब की एक तरफ ढलान ले गया। तब पुल से भारी वाहनों की आवाजाही बंद करते हुए नदी में रपटा बना दिया गया। तब से लेकर आज तक भारी वाहन और बस आदि रपटे से ही गुजर रहे हैं।
आईआईटी रुड़की मरम्मत से कर चुकी है इनकार
एक नया पुल बनाने के साथ-साथ हाईवे प्राधिकरण ने साल 2001 में बने पुराने पुल को चालू करने का प्रयास किया। इसके लिए आईआईटी रुड़की के ब्रिज एक्सपर्ट की मदद ली गई। कई बार आईआईटी रुड़की की टीम भी दौरा कर चुकी थी। इस पर भारी भरकम खर्च भी हुआ। बाद में आईआईटी की टीम ने भी पुल की मरम्मत से हाथ खड़े कर दिए। माना गया कि तीन पिलर ही दरके हैं, यह भी हो सकता है कि इन तीन पिलर को ठीक किया जाए और इसके बाद दूसरे दरकने शुरू हो जाए। ऐसे में एनएचएआई ने एक और नया पुल बनवा दिया।
रपटे पर तैनात करनी पड़ रही पुलिस
कांवड़ यात्रा के चलते पहले से ही ट्रैफिक डायवर्जन है। अब रपटे पर पानी आने की वजह से बार-बार वाहनों को रोकना पड़ रहा है। इसके लिए पुलिस बल को भी कोटावाली में तैनात किया गया है, जिससे अप्रिय घटना को रोका जा सके। एसपी नीरज कुमार जादौन और एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने भी कोटावाली नदी के रपटे पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।