भागूवाला में कोटावाली नदी रपटे के बीच पानी में फंसा वाहन।
- कोटावाली नदी रपटे पर फंसे वाहन, दो को रस्सियों के माध्यम से निकाला
फोटो-18एनजेडबी04ए, 04बी, 04सी
संवाद न्यूज एजेंसी
भागूवला/नजीबाबाद। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र में बारिश होने से भागूवाला की कोटावाली नदी उफान पर रही। जलस्तर बढ़ने से नदी रपटे पर तीन बड़े वाहन नदी के तेज बहाव में फंस गए। नदी रपटे किनारे खड़े लोगों ने रस्सियों के माध्यम से वाहनों को सकुशल बाहर निकाला।
भागूवाला की कोटावाली नदी का मंगलवार सुबह सात बजे अचानक जलस्तर बढ़ गया। नदी के तेज बहाव के बीच नदी रपटे से आवागमन कर रहे तीन बड़े वाहन फंस गए। रपटे के किनारे खड़े लोगों ने रस्सियों के माध्यम से दो वाहनों को निकाला, जबकि एक वाहन को जेसीबी के माध्यम से निकालना पड़ा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कोटावाली नदी के उफान को देखते हुए नदी रपटे पर आवागमन को पूर्ण रूप से बंद करा दिया। साथ ही बड़े वाहनों को चंदक हैड के रास्ते हरिद्वार के रवाना किया। देर शाम तक नदी का जलस्तर कम न होने से रपटे पर आवागमन बंद रहा। मालन नदी और गौसपुर में गंगा नदी का भी जलस्तर बढ़ा रहा। मालन नदी के पानी से क्षेत्र की सैकड़ों बीघा जमीन जलमग्न हो गई।
जान जोखिम में डालकर क्षतिग्रस्त पुल से रवाना हुए वाहन
कोटावाली नदी रपटे पर पुलिसकर्मी तैनात न होने से कई वाहनों ने नदी के तेज बहाव से आवागमन करने का प्रयास किया। नदी का जलस्तर कम नहीं होने पर बड़ी संख्या में भारी वाहन नदी के क्षतिग्रस्त पुल से रवाना हुए। कोटवाली नदी पर बने पुल में वर्ष 2017 में दरार आ गई थी। जांच के बाद पुल से भारी और बड़े वाहनों का आवागमन पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया। प्रशासन ने पुल मार्ग के दोनाें ओर हाईट गेट भी लगाए थे। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों के हल्के वाहनाें की आवाजाही के लिए प्रशासन ने हाईट गेट को हटवा दिया। मंगलवार को सुबह सात बजे कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ने और रपटे पर पुलिसकर्मी तैनात न होने से दर्जनों भारी वाहनों ने नदी के क्षतिग्रस्त पुल से आवागमन किया।