बिजनौर में डेंगू जिले में एक और जान लील गया। डेंगू की चपेट में आने से युवा अधिवक्ता अवधेश कुमार की मौत हो गई। अवधेश कुमार को उपचार के लिए मेरठ ले जाया गया था। अब भी कई वकील डेंगू के डंक से पीड़ित हैं। उनका जिले के बाहर के अस्पतालों में उपचार हो रहा है। वकीलों ने स्वास्थ्य विभाग को चेतावनी दी है कि डेंगू से बचाव के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जाए। ऐसा न होने पर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी गई। चांदपुर में एक किशोर की बुखार से मौत हो गई ।
जिला मुख्यालय पर प्रैक्टिस करने वाले कई वकील डेंगू की चपेट में हैं। जिला बार के पूर्व अध्यक्ष एसके बबली व अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ चुके सुरेंद्र सिंह, पूर्व शासकीय अधिवक्ता विनय देवरा को भी डेंगू का डंक लग गया है। ये वकील निजी चिकित्सकों से उपचार करा रहे हैं। बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में प्रैक्टिस करने वाले युवा अधिवक्ता अवधेश कुमार की डेंगू से मौत हो गई। इसका पता चलने पर वकीलों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष फैल गया। वकीलों ने जिला बार अध्यक्ष राजीव चौहान की अध्यक्षता व सचिव अजीत पंवार के संचालन में शोक सभा कर दिवंगत वकील को श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग डेंगू का प्रकोप कम करने में नाकाम साबित हो रहा है। डेंगू पर रोकथाम करने के बजाए विभाग के अधिकारी डेंगू न होने की दलील दी जा रही हैं। निजी चिकित्सकों की रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी झूठ बता रहे हैं। इसको बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। कहा कि युद्धस्तर पर अभियान चलाने से ही डेंगू का प्रकोप कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू की रिपोर्ट को झूठी साबित करने के बजाए डेंगू की रोकथाम में लगे तो जिलेवालों को राहत मिलेगी।
आक्रोशित ग्रामीण ने स्वास्थ्य अधिकारी को सुनाई खरी-खोटी
गांव बरूकी में बुखार व डेंगू से मौत होने के बाद ग्रामवासियों में आक्रोश पनप रहा हैं। बृहस्पतिवार को गांव से एक व्यक्ति ने फोन पर स्वास्थ्य अधिकारी को जमकर खरी-खोटी सुनाई।
कोतवाली देहात के गांव बरुकी में बुखार व डेंगू करीब तीन दर्जन से अधिक मौत हो चुकी है। इसके अलावा अभी भी गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित है। गांववासियों को गांव में डेंगू फैलने की आशंका है। ग्रामवासियों का आरोप है कि इतनी मौत होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग कुंभकर्णी नींद से नहीं जाग रहा है। इतनी मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग कैंप लगाकर अपने काम की इतिश्री कर रहा हैं। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली से आक्रोशित एक व्यक्ति ने गांव से फोन करके एक स्वास्थ्य अधिकारी को जमकर खरी खोटी सुनाई। अधिकारी अपनी सफाई देते रहे। जब ग्रामीण ने अधिकारी की बात नही सुनी तो अधिकारी को कॉल काटकर उससे पीछा छुड़ाना पड़ा।
वहीं चांदपुर बुखार से एक किशोर की मौत हो गई है। किशोर को करीब एक सप्ताह पहले बुखार आया था। किशोर की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है।
मोहल्ला कटारमल निवासी मोहम्मद आबिद का पुत्र जान मोहम्मद 11वर्ष को एक सप्ताह पहले बुखार आया था। परिजनों ने उसको तीन दिन तक तो नगर के एक निजी चिकित्सक से उपचार कराया। आराम नही होने पर उसको परिजन तीन दिन पहले दिल्ली के एक निजी अस्पताल में ले गए। लेकिन वहां भी किशोर की स्थिति में कोई सुधार नही आया। बुधवार की रात दिल्ली के निजी अस्पताल में ही उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
कैंप लगाकर गोष्ठी की
बरूकी में स्वास्थ्य विभाग बृहस्पतिवार को गांव बरूकी में स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया। इसके अलावा गोष्ठी कर स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। गांव में गंदगी होने के कारण बुखार फैल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने कैंप में बुखार से पीड़ित 22 मरीजों का परीक्षण किया। चिकित्सकों ने 11 मरीजों के जांच के लिए रक्त के नमूने भी लेकर जिला अस्पताल भेजे है। उन्होंने गांव में डोर टू डोर जाकर गांववासियों से संपर्क भी किया कि उनके घर में बुखार का मरीज है या नही। इसके अलावा गांव में गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में चंदक के प्रभारी चिकित्सक जितेंद्र कुमार ने ग्रामवासियों से कहा कि उनके गांव में बुरी तरह गंदगी फैल रही है। वह गांव में सहीं ढ़ंग से साफ-सफाई नही कराई गई । इस कारण उनके गांव में बुखार फैल रहा है। उन्होंने सभी ग्रामवासियों को साफ-सफाई करने व दूसरों को भी सफाई के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। टीम में डा.आसिफ, खूब सिंह, सलीम व शाकिर अली मौजूद रहे।
पैजनियां में मिले डेंगू के दो मरीज
हल्दौर में गांव पैजनियां में डेंगू बुखार ने पैर पसार लिए है। कई लोग बुखार से पीड़ित हैं, जबकि डेंगू की पुष्टि होने पर दो रोगियों को गंभीर हालत में उपचार के लिए मुरादाबाद व नूरपुर भेजा गया है। क्षेत्रवासी डेंगू बुखार से भयभीत हैं। जिले में बुखार सेकई मौत हो चुकी है। सूचना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गांव पहुंचकर मरीजों की सुध लेने को तैयार नहीं हैं।
गांव पैजनियां में पिछले कई दिनों से गांव में बुखार तेजी से फैल रहा है। गांव निवासी सुनील राजपूत, मंगू त्यागी, सरोज देवी, वर्णियम त्यागी, रीलाक्षी त्यागी, हिमांशु, संजय सैनी, पायल, अमित त्यागी उर्फ नीटू, लीला त्यागी, जंगवीर त्यागी, मनीता सैनी, सोनू देवी समेत कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। सभी अपने क्षेत्र में निजी चिकित्सकों से इलाज करा रहे थे। परिजन बुखार सही नहीं होने पर संजय त्यागी को मुरादाबाद व पूनम त्यागी को नूरपुर के एक निजी अस्पताल ले गए हैं। परिजनों ने बताया कि निजी अस्पताल ने जांच के बाद उन्हें डेंगू की पुष्टि की है। गांव में डेंगू फैलने की सूचना से ग्रामवासियों भयभीत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कई बार सूचना दी, लेकिन किसी ने गांव आकर सुध नहीं ली। इसको लेकर ग्रामीण में विभाग के खिलाफ आक्रोश है। नूरपुर सीएचसी प्रभारी डा.कुनाल का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। गांव में टीम भेजकर रोगियों की जांच कर उपचार कराया जाएगा।
एसीएमओ भी हुए बीमार, डेंगू के लक्षण मिले
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को भी डेंगू का डंक लग गया है। चिकित्सक की जांच में एनएस-वन पॉजिटिव पाया गया है। वह स्वयं की अपना इलाज कर रहे है। पीसीपीएनटीडी के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डा.प्रमोद देशवाल में भी डेंगू के लक्षण मिले है। वह करीब एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थे। जब उन्होने डेंगू की जांच कराई जो एनएस-वन पॉजिटिव पाया गया। उन्होने स्वयं अपना उपचार शुरू कर दिया है। उन्होने अपनी एलआईजा जांच के लिए नमूना मेरठ भेज दिया है। एसीएमओ डा.प्रमोद देशवाल ने स्वयं इसकी पुष्ठि की है।