संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत मित्तल ने चंद्रपाल की हत्या और लूट का दोषी पाते हुए काले उर्फ शाह आलम को आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले के चार अभियुक्तों को पहले ही कोर्ट सजा सुना चुकी है।
थाना नहटौर के गांव हरगनपुर निवासी विवेक बंसल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 18-19 नवंबर 2007 की रात करीब एक बजे की घटना है। वह एवं उसके भाई जवाहरलाल, कृष्ण गोपाल अपने मकान के कमरों एवं उसके पिता चंद्रपाल गुप्ता, उसकी माता शीला देवी ऊपरी मंजिल के अपने कमरों में सो रहे थे। छत पर बैटरी से चलने वाली ट्यूबलाइट जल रही थी।
रात्रि में जब उसकी मम्मी कमरे से बाहर आई तो छत पर खड़े बदमाशों ने उन्हें पकड़ लिया। शोर मचाने पर उसके पिता चंद्रपाल, वह एवं उसके भाई छत पर पहुंच गए। पापा ने कहा कि काले, साबिर मोटा और मुल्ला तुम तीनों यहां कैसे हो। इस पर काले ने उसके पापा पर गोली चला दी। जो उनके सीने में लगी, वे गिर गए।
शोर होने पर गांव वाले आ गए। इन पर बदमाश फायर करते हुए छत से कूदकर भाग गए। इस मामले में बदमाशों ने सोने का एक टीका, एक जंजीर, दो सोने की अंगूठी, चांदी के जेवरात, 10 हजार रुपये की लूट की थी। चंद्रपाल की हत्या कर दी गई थी। इस केस में पांच गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने काले उर्फ शाह आलम निवासी श्यामपुर मुस्तफाबाद को सजा सुनाई।ा