जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में उपस्थित सदस्य।
- फोटो : जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में उपस्थित सदस्य।
बिजनौर में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में छोईया नदी में फैक्ट्री का केमिकलयुक्त पानी डालने व गांव रामसहायवाला में बिजली के साथ चिकित्सा की सुविधा न होने का मुद्दा छाया रहा। बैठक में जिला पंचायत की 28 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई।
विकास भवन के सभा कक्ष में हुई बैठक में जिला पंचायत सदस्य साकेंद्र चौधरी ने छोईया नदी में केमिकल युक्त पानी डालने का मुद्दा उठाया। कहा कि यह पानी गंगा में जा रहा है। इस पानी के छोईया नदी में छोड़ने से लोगों के साथ पशुओं में भी तरह-तरह की बीमारियां फैल रही हैं।
उन्होंने इस पानी को बंद कराने की मांग की। जिला पंचायत सदस्य मधु सिंह ने गांव रामसहायवाला में बिजली व चिकित्सा की सुविधा न होने का मुद्दा उठाया। कहा कि ये गांव गंगा की धारा के पास हैं। विधायक रुचिवीरा ने कहा कि यह गांव गंगा की धारा में होने के कारण अभी इसमें बिजली पहुंचना असंभव है। इस गांव में सोलर प्लांट लगाने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने सीएमओ डॉ. सुखवीर सिंह से कहा कि चिकित्सकों की टीम समय-समय पर गांव में विजीट करती रहे।
बैठक में कई और सदस्यों ने अपने इलाके की समस्याएं उठाईं। बैठक में वर्ष 2016-17 के लिए 28 करोड़ की योजना स्वीकृत की गईं। जिला पंचायत सदस्यों के प्रस्ताव पर इस योजना के तहत विकास कार्य किए जाएंगे। बैठक के एजेंडों पर भी चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा, एएमए मुकेश जैन, लोनिवि, सिंचाई विभाग, वन विभाग, डीआरडीए समेत कई विभागों के अफसरों के साथ तमाम जिला पंचायत सदस्यों ने भाग लिया।