नहटौर। झारखंड से काम कराने के लिए लाए गए दो बच्चों को बाल संरक्षण अधिकारी ने चाइल्ड लाइन संस्था के सहयोग से बरामद कर लिया जबकि उनके साथ आए अन्य छह बच्चों का कोई पता नहीं लग सका है। पुलिस ने दोनों बच्चों का मेडिकल कराने के बाद बाल संरक्षण अधिकारी की सुपुर्दगी में दे दिया।
बाल संरक्षण अधिकारी रूबी गुप्ता ने बताया कि गांव मेहरलीपुर बाकरनगर निवासी मोनू को जंगलों में झाड़ियों में रोता बिलखता एक बालक मिला था, जिसे वह अपने घर ले आया। वह कई दिन से भूखा था। मोनू ने बालक को भोजन कराया और अपने परिवार के सदस्य की तरह रखा और उसके परिवार के पास भेजने के लिए 1098 पर काल भी की। इसके बाद झारखंड के डीसीपीओ द्वारा बाल संरक्षण अधिकारी बिजनौर को बच्चे के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद बाल संरक्षण अधिकारी बिजनौर रूबी गुप्ता व चाइल्ड लाइन संस्था के सदस्य रश्मि लता, आकाशदीप, अनिल कुमार गांव मेहरलीपुर पहुंचे। जानकारी करने पर पता चला कि झारखंड से कई बच्चे काम कराने के लिए लाए गए हैं। तलाश करने पर एक बालक पड़ोस के गांव नन्हेड़ा में एक घर में काम करता हुआ मिल गया।
रूबी गुप्ता ने बताया कि 15 दिन पूर्व झारखंड से निजी गाड़ी से आठ बालकों को काम कराने के लिए लाया गया था। बरामद दोनों बच्चों की पहचान झारखंड के जिला लातेहर पोस्ट नावागढ़ के गांव कोने के निवासी के रूप में हुई हैं। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों बच्चों को थाने लाकर मेडिकल कराने के बाद बाल संरक्षण अधिकारी की सुपुर्दगी में दिया गया। उनके साथ आए अन्य छह बच्चों का कुछ पता नहीं लग सका है। कोतवाल सत्य प्रकाश सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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खरीद-फरोख्त से जुड़ा हो सकता है मामला
बिजनौर। प्रशासन नहटौर के गांव में मिले झारखंड के दो बच्चों की गुत्थी सुलझाने में जुट गया है। प्रोबेशन तथा बाल संरक्षण विभाग की टीम यह पता लगा रही है कि मामला बच्चों की खरीद फरोख्त से तो नहीं जुड़ा है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि एक बच्चे के पिता ने फोन पर बताया है कि बिजनौर जिले का एक व्यक्ति उनके बच्चे को बुलेरो गाड़ी से लिवाकर ले गया है। दशरथ ले जाने वाले व्यक्ति का नाम तथा वजह नहीं बता सका है। लाने वाले को लोग ठेकेदार बता रहे हैं।
संजय कुमार ने बताया कि बच्चे डरे सहमे है। कुछ अधिक नहीं बता पा रहे हैं। यह पता नहीं चला है कि बच्चों को यहां क्यों लाया गया है। बाल श्रम को लाया गया है या मामला बच्चों की खरीद फरोख्त का तो नहीं है। बच्चे जिन व्यक्तियों के यहां पकड़े गए हैं, वे लोग भी लाने वाले व्यक्ति का नाम नहीं बता पा रहे हैं। इन लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी थी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि उनकी झारखंड राज्य के लातेहार जिले के जिला समाज कल्याण अधिकारी से मामले में बात हुई है। बाल संरक्षण अधिकारी रूबी गुप्ता तथा चाइल्डलाइन का स्टाफ बच्चों से जानकारी करने में लगे हैं। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद अगली कार्रवाई तय होगी।