फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झमाझम बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित

Tue, 22 Jan 2019 11:42 PM IST
Deepak Sharma अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
विज्ञापन
बिजनौर में बारिश के बीच गंतव्य को जाती साइकिल सवार युवती। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बिजनौर में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ आई झमाझम बारिश, ओलावृष्टि व तेज हवा ने जिले में 24 घंटे में ही जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। 24 घंटे में 75 एमएम बारिश हो चुकी है। जनवरी में एक दिन में पिछले पांच सालों में इतनी बारिश नहीं हुई है। बारिश, ओलावृष्टि से दलहनी, सरसों व आलू की फसल को नुकसान बताया जा रहा है, जबकि गेहूं व गन्ने की फसल के लिए वरदान बताई जा रही है। बारिश व तेज हवा से बिजली की लाइनों में फाल्ट आ गई, इससे करीब पूरे  जिले की बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहीं बारिश के कारण मिलों को गन्ना उपलब्ध न होने के कारण जिले की सभी नौ चीनी मिलों में नो केन की स्थिति रही।
विज्ञापन

सोमवार शाम को करीब तीन बजे बारिश शुरू हुई थी। रात 12 बजे तक रुक रुक कर बारिश होती रही। मंगलवार सुबह को भी रुक-रुक कर झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि भी होती रही। बारिश से खेतों में पानी भर गया। खादर क्षेत्र के किसानों के लिए बारिश ज्यादा नुकसानदायक बताई जा रही है। बारिश के दौरा बीच-बीच में हवा के तेज झोंके भी आए। हवा के झोंकों की औसत रफ्तार 12 किलोमीटर प्रति घंटा तक रही। बादल छाने से दिन भर अंधेरा छाया रहा। सड़कों पर राहगीरों की आवाजाही भी बहुत कम रही। अधिकतर दुकानें भी बंद रहीं।
बारिश सरसों, दलहन व आलू की फसल के लिए नुकसान है, वहीं गेहूं व गन्ने की फसल के लिए ‘सोने’ से कम नहीं। तेज हवा और बारिश से बिजली की लाइनों में जगह जगह फाल्ट आ गए इससे करीब पूरे जिले की आपूर्ति बाधित रही।
विज्ञापन


अभी और खराब  होगा मौसम
नगीना स्थित मौसम वेधशाला का प्रेक्षक का कहना है कि शनिवार तक बारिश होने व मौसम खराब रहने की संभावना है। सोमवार शाम तीन बजे से मंगलवार शाम तीन बजे तक जिले में 75 एमएम बारिश हुई है। 2017 में जनवरी में एक दिन में अधिकतम 47 एमएम तथा 2018 में एक दिन में 18 एमएम बारिश हुई थी। पांच साल में सबसे ज्यादा बारिश हुई है।
एक सिंचाई से ज्यादा हुई बारिश
अगर एक दिन में 50 एमएम बारिश होती है तो माना जाता है कि फसलों को नलकूप से की जाने वाली एक सिंचाई के बराबर पानी मिल गया है। जिले में 24 घंटे में 75 एमएम बारिश हुई है। यानि फसलों की सिंचाई के औसत से भी अधिक बारिश हुई है।

शादीपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े सभी 28 गांवाें की आपूर्ति रहीं ठप, नजीबाबाद का भी बुरा हाल
गजरौलाशिव/मंडावर/बरुकी/नजीबाबाद। सोमवार दोपहर से शुरू हुई बारिश रात भर बिजली की गड़गड़ाहट के साथ होती रही। मंगलवार पूरे दिन हुई बारिश से किसानों के सामने पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया। लगातार बारिश से मौसम में ठंडक बढ़ गई। शादीपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े सभी 28 गांव की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। सोमवार की रात और मंगलवार शाम तक आपूर्ति ठप्प रही। शादीपुर विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता अजय कुमार ने बताया कि विद्युत कर्मचारी विद्युत आपूर्ति सुचारु करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। नजीबाबाद नगरपालिका परिषद के प्रमुख नलकूप ईजीसी फीडर से जुड़े हैं। ईजीसी फीडर को अकबलपुर आंवला बिजलीघर से विद्युत आपूर्ति दी जाती है। सोमवार को दोपहर तीन बजे ईजीसी फीडर की लाइन में तकनीकी खराबी आने से ठप हुई विद्युत आपूर्ति लगभग 30 घंटे से अधिक समय तक ठप रही।

पानी से डूबीं सड़कें
बारिश से मोहल्लों में जलभराव की स्थिति रही। नई बस्ती, चाहशीरी, जाटान, काजीपाड़ा, सिविल लाइन आदि में सड़कें पानी से जलमग्न रहीं। राहगीरों को पानी से होकर ही अपने गंतव्यों को जाना पड़ा।
चीनी मिलों में नो केन की स्थिति
जिले में नौ चीनी मिल में तीन लाख से अधिक किसान गन्ना आपूर्ति करते हैं। बारिश से पूरे जिले में गन्ने की छिलाई मंगलवार को प्रभावित रही। किसान चीनी मिलों व गन्ना सेंटरों पर गन्ना लेकर नहीं आए। जिले की सभी नौ चीनी मिल गन्ना न होने पर नो केन में बंद हैं। रुक-रुक कर हो रही बारिश बिजली कर्मचारियों के लिए जी का जंजाल बनी रही। बिजली कर्मचारी बारिश हल्की होने पर लाइन जोड़ने जाते तो इस बीच तेज बारिश शुरू हो जाती। बारिश के कारण बिजली आपूर्ति बाधित रही।

मालन नदी पुल पर पानी भरा
नजीबाबाद में। नेशनल हाइवे अथॉरिटी की उदासीनता से नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग और हाइवे पर कई स्थानों पर जल भराव होने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, एसडीएम ने एनएचए क डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल समस्या के निवारण के निर्देश दिए है। नजीबाबाद नगर क्षेत्र से जुड़े हरिद्वार हाइवे के मालन नदी के खस्ताहाल पुल के गड्ढों में वर्षा का पानी जमा हो गया। पानी की निकासी न होने से पुल के लगभग 40 फीट संपर्क मार्ग पर आधा फीट पानी भरा है। इससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए एसडीएम डॉ.पंकज कुमार वर्मा ने एनएचए के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर को फोन पर स्थिति से अवगत कराया और तत्काल मालन नदी पुल पर जमा पानी की निकासी बनवाने, पुल और हाइवे के आसपास के गड्ढों को भरवाने के निर्देश दिए। उधर, नगर पंचायत जलालाबाद के कल्हेड़ी क्षेत्र में संपर्क मार्ग पर भूमिगत पाइप लाइन डालने के लिए मिट्टी डालकर मुख्य मार्ग बंद करने और रास्ता एक बाग से दिए जाने से क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्षा होने के बाद चिकनी मिट्टी के रास्ते से निकलने वाले कई दोपहिया वाहन और राहगीर मंगलवार को फिसलकर गिर गए। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से सुरक्षित आवागमन कराने की व्यवस्था कराने की मांग की है।

बारिश के साथ पड़े ओले, सर्दी बढ़ी
कालागढ़। सोमवार को कालागढ़ में बारिश के साथ ओले पड़ने से सर्दी बढ़ गई है। बारिश के कारण स्कूल-कॉलेजों में अवकाश रहा। बारिश के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ। कालागढ़ में रात्रि से गरज के साथ बारिश पड़ती रही। वहीं, दोपहर बाद सोमवार को ओले भी पड़े, जिसके कारण तापमान कम हो गया। रामगंगा बांध के नियंत्रण कक्ष के अनुसार दोपहर 12 बजे तक 31 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। कालागढ़-वादीगढ़ और कालागढ़-धामपुर मार्ग पर यातायात भी कम ही चला। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उपेेंद्र कुमार, संजय चौहान, रविंद्र सिंह आदि किसानों का कहना है कि बारिश के साथ-साथ ओले पड़ने से गेहूं की फसल को फायदा पहुंचा है। वहीं गन्ने और लाही की फसल को नुकसान पहुंचा है। तेज हवा के साथ गन्ना खेतों में बिछ गया है। बारिश के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। कोल्हुओं पर गुड़ बनाने का काम बंद रहा।
बारिश होने से किसानों के चेहरे खिले
अफजलगढ़/धामपुर। सोमवार रात से हो रही बारिश से खेत जलमग्न हो गए हैं। देर रात कई स्थानों पर ओलावृष्ठि भी हुई। मंगलवार दिन में भी भारी बारिश हुई। स्कूलों-कॉलेजों के परिसर में पानी भर जाने से छात्र-छात्राओं को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। धामपुर में खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में तीन प्राइमरी स्कूलों का संचालन होता है। पानी की निकासी नहीं होने से परिसर में पानी एकत्र हो गया। वहीं, बारिश से किसानों के चेहरे खिले हैं। किसान भारत भूषण शर्मा, अतुल कुमार, राजेंद्र कुमार, अशोक शर्मा का कहना है कि बारिश फसलों के लिए वरदान साबित हुई है। काफी दिनों तक खेतों की सिंचाई नहीं करनी पडे़गी। वहीं, अफजलगढ़ में वर्षा के साथ ओले भी पड़े। मंगलवार को नगर, क्षेत्र के गांव रसूलाबाद, चकफेरी, कादराबाद क्षेत्र में दिनभर बूंदाबांदी होती रही। सोमवार शाम से शुरू हुई बारिश मंगलवार को शाम तक होती रही। तीन बजे के करीब ओले पड़े।

आज कक्षा आठ तक के बच्चों का अवकाश
बिजनौर में सोमवार रात से हो रही बारिश को देखते हुए बीएसए ने डीएम के निर्देश पर नर्सरी से कक्षा आठ तक के बच्चों का 23 जनवरी को अवकाश घोषित किया है, जबकि शिक्षक स्कूलों में उपस्थित रह कर विभागीय कार्य करेंगे। मंगलवार को दिनभर  रुक-रुक कर बारिश होती रही, जबकि नर्सरी से कक्षा पांच तक के बच्चों का अवकाश रहा। पर कक्षा छह से ऊपर तक के   स्कूल खुले रहे। लेकिन   उपस्थिति कम रही। बीएसए महेश चंद्र ने बताया कि 23 जनवरी को नर्सरी से कक्षा आठ तक के कान्वेंट, आईसीएसई, सीबीएसई सहित सभी बोर्ड के स्कूलों के बच्चों का अवकाश रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें