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खाने, नाश्ते का बिल देख भड़के जेडी, स्वीकृति से किया इंकार

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खाने, नाश्ते का बिल देख भड़के जेडी, स्वीकृति से किया इंकार
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बिजनौर। शासन की ओर से जिले में कोरोना के नोडल अधिकारी बनाकर भेजे गए संयुक्त निदेशक अनिल मिश्रा के भोजन का 15 दिन का 34, 500 रुपये यानी 2300 रुपये प्रतिदिन का बिल भिजवाया तो जेडी भड़क गए, उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया। डीएम को भी इस बारे में अवगत कराया गया है। हालांकि जेडी का इस मामले में कहना है कि इस प्रकार का बिल क्यों भेजा गया इस बिल के पीछे भेजने की क्या मंशा थी, इस बारे में उन्हें मालूम नहीं है, फिलहाल उन्होंने इसे अस्वीकार कर अपने नाश्ते से लेकर खाने तक की जिम्मेदारी स्वयं उठाने की बात कही है।
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मोनू कैटर्स के स्वामी अंकित कुमार की ओर से जारी बिल पर चार से लेकर 18 अप्रैल तक का सुबह का चाय, नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम को चाय, बिस्कुट, केला, सेब, शाम को दूध एवं बिस्लेरी पानी की बोतल, पनीर, दाल, सब्जी आदि तथा दो कारीगर का मेहनताना समेत 2300 रुपये प्रतिदिन का बिल बनाकर दिया। इस प्रकार कुल 15 दिन का बिल 34,500 रुपये का भुगतान के लिए नोडल अधिकारी के पास भेजा। शासन की ओर से नियुक्त कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल मिश्रा अपने चालक समेत पीडब्लूडी के डाकबंगले में ठहरे हुए हैं। जेडी के अनुसार मोनू कैटर्स का बिल उनके पास स्वीकृति के लिए 2300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कुल 15 दिन का बिल भिजवाया गया। इस पर उन्होंने आपत्ति जताते हुए इसे स्वीकार करने से इंकार कर दिया गया। उन्होंने बताया कि फल और दाल रोटी का रोजना का बिल किसी भी सूरत में 2300 रुपये नहीं हो सकता। इसलिए यह बिल गलत है और वे इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। इस बारे में डीएम रमाकांत पांडेय और सीएमओ विजय कुमार यादव ने बताया कि उन्होंने इस तरह कोई बिल संयुक्त निदेशक के पास नहीं भिजवाया है और न ही उन्हें इस बारे में कोई जानकारी है। उन्होंने बताया कि यह बिल जेडी के पास किसने भिजवाया, उन्हें नहीं मालूम इसकी जांच कराई जाएगी।
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