अफजलगढ़ हाईवे पर ट्रक और कंटेनर की आमने-सामने हुई भिड़ंत ।
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नींदडू़ में बिजलीघर पर ड्यूटी करने जा रहे संविदा कर्मचारी की डीसीएम की टक्कर से मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने उचित मुआवजे की मांग को लेकर नूरपुर-धामपुर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया है। राज्यमंत्री मूलचंद चौहान के आश्वान पर जाम खुला। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बाइक सवार हेलमेट नहीं पहन रहा था।
गांव सरकथल माधो के जयपाल सिंह का 29 वर्षीय पुत्र यशवीर सिंह नींदडू़ के बिजलीघर पर संविदा कर्मी लाइनमैन के रूप में कार्य करता था। रविवार की सवेरे वह 9.20 बजे बाइक द्वारा घर से ड्यूटी के लिए चला था। 9.30 बजे उसकी बाइक जैसे ही कडूला नदी के पुल के पास पहुंची, पीछे से आ रहे डीसीएम वाहन ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद डीसीएम का चालक गाड़ी छोड़कर भाग गया। सूचना पर पहुंचे परिजन व ग्रामीण घायल यशवीर सिंह को सीएचसी धामपुर ले गए। चिकित्सकों द्वारा घायल को मृत घोषित करने के बाद परिजनों में हाहाकार मच गया। करीब तीन बजे अपराह्न परिवार के सदस्य शव को गांव ले आए तथा खदाना की पुलिया के सामने नूरपुर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। मृतक के परिवार में पत्नी के अलावा चार वर्ष का पुत्र हैं। मालूम हुआ है कि डीसीएम नूरपुर के एक व्यक्ति की है।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई । ग्रामीण 20 मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। जाम के चलते मौके पर पहुंचे एसडीएम सतेंद्र कुमार तथा सीओ अशोक कुमार ने भी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, किंतु बात नहीं बनी। इसी बीच राज्यमंत्री ठा मूलचंद चौहान वहां आ गए और पांच लाख किसान दुर्घटना योजना तथा 30 हजार पारिवारिक सहायता के रूप में दिलाने के बावजूद मुख्यमंत्री से वार्ता कर अतिरिक्त सहायता राशि दिलाने का आश्वासन दिया। करीब पांच बजे राज्यमंत्री के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।