धोखाधड़ी में जगदीश को सात साल की सजा
बिजनौर। सीजेएम शारिब अली ने धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाते हुए जगदीश को सात वर्ष के कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। थाना स्योहारा के गांव फतेहपुर निवासी योगेंद्र पाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता के नाम क्रेशर था। समय पर भुगतान नहीं होने के कारण रिकवरी तहसील चांदपुर में चल रही थी। और इस क्रेशर की नीलामी के आदेश हो गए थे। नीलामी से बचने के लिए अपनी जमीन मौजा लिंडरपुर की बिक्री के लिए फीना निवासी जगदीश, हाल निवासी सुनगढ़ से एक लाख 50 हजार रुपये बेचनी तय की थी। इस जमीन का बैनाम रजिस्ट्री कार्यालय चांदपुर में जगदीश की मार्फत रामपाल निवासी सुनगढ़ के नाम कराया था। बैनामे से पूर्व जगदीश ने उसे पीएनबी नूरपुर का डेढ़ लाख रुपये का चेक दिया था। बाद में जगदीश ने चेक यह कहकर वापस ले लिया कि तुम्हें चेक कैश कराने में परेशानी होगी। इस चेक को मुझे दे दो। मैं तुम्हारी बकाया धनराशि का भुगतान तहसीलदार को कर दूंगा। शेष राशि उसकी बात पर विश्वास करके चेक जगदीश को सौंप दिया। जगदीश ने चेक की धनराशि न ही उसे दी और न ही तहसीलदार चांदपुर के यहां वसूलयावी में जमा की।