बिजनौर। जिले में अभी तक एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाइयों के नमूने मानकों को खरे नहीं उतर रहे थे। लेकिन अब पशुओं को दी जाने वाली दवा भी जांच में फेल हो गई। जांच में आइवरमेक्टिन इंजेक्शन अधोमानक पाया गया।
औषधि निरीक्षक उमेश भारती ने बताया कि बिजनौर में चक्कर चौराहा स्थित बिजनौर मेडिकोज से सितंबर 2025 में आइवरमेक्टिन इंजेक्शन का नमूना लिया था। इस इंजेक्शन को रियल लैब बायोटैक प्राइवेट लिमिटेड, कोटद्वार कंपनी ने बनाया था। जबकि, इस इंजेक्शन को बाजार में बेचने वाली कंपनी लिबरा बायोटैक प्राइवेट लिमिटेड है। नमूना जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा। प्रयोगशाला से 14 नवंबर 2025 को इसकी जांच रिपोर्ट आई। जिसमें नमूना अधोमानक पाया गया। इसमें मानक के अनुरूप साल्ट उपलब्ध नहीं था। बता दें कि इस इंजेक्शन का प्रयोग पशुओं को जूं होने पर किया जाता है। बताया कि सेशन कोर्ट में वाद दायर कराया जा रहा है।