अध्यक्ष की कुर्सी कब्जाना भाजपा के लिए टेढ़ी खीर
बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर जिले की सियासत गरमा गई है। अध्यक्ष पद के लिए त्रिकोणीय मुकाबला होने के आसार हैं। भाजपा के लिए अध्यक्ष पद हथियाना टेढ़ी खीर हो गया है। भाजपा सदस्यों को साधने में उलझी है। अभी तक दस सदस्य ही भाजपा के पाले में दिखाई दे रहे हैं। सपा और रालोद गठबंधन के पास 26 सदस्य हैं। अध्यक्ष बनने के लिए 29 सदस्यों की जरूरत है। इस माह के अंत तक चुनाव होने की उम्मीद लगाई जा रही है। सदस्यों की खरीद फरोख्त का खेल भी शुरू होने जा रहा है।
जिला पंचायत के 56 सदस्य हैं। इनमें सपा के 20, रालोद के चार, भाकियू के दो सदस्य हैं। भाजपा के आठ, आजाद समाज पार्टी के आठ, बसपा के पांच व बाकी निर्दलीय हैं। सदस्य पद के चुनाव को लेकर घमासान शुरू हो गया है। सबसे ज्यादा दिक्कत भाजपा खेमे में है। भाजपा पूर्व जिला पंचायत साकेंद्र चौधरी को चुनाव मैदान में उतारने का मन बना रही है। चौहान बिरादरी के आयुष चौहान भी प्रत्याशी बनने के लिए ताल ठोक रहे हैं। भाजपा के पास अभी तक आठ पार्टी व दो अन्य मिलाकर अभी तक केवल दस सदस्य हो रहे हैं। भाजपा की नजर रालोद के चार सदस्यों के साथ निर्दलियों पर भी है। दूसरे दलों के सदस्यों को भी भाजपा अपने पाले में लाने का प्रयत्न कर रही है।
साकेंद्र चौधरी को लेकर पार्टी निर्णय ले चुकी है। इसे लेकर साकेंद्र चौधरी के खेमे में हलचल है। सभी को एक मंच पर लाने की कोशिश चल रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि भाजपा 29 सदस्य चुनाव जीतने के लिए कहां से लाए। सपा ने अभी अपने प्रत्याशियों के पत्ते नहीं खोले हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नसरीन सैफी चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोक रही हैं। सपा के पास 20, रालोद के चार व भाकियू के दो सदस्य हैं। इन सदस्यों को गठबंधन अपने पाले में पक्का मान रहा है। रालोद नेताओं का दावा है कि उनका कोई भी सदस्य नहीं टूटेगा। सदस्यों को आगामी विधानसभा चुनाव में सपा की सरकार बनने की उम्मीद है। ऐसे में ये सदस्य किसी भी दल के साथ नहीं जाएंगे।
गठबंधन को चुनाव जीतने के लिए तीन सदस्यों की जरूरत है। इसका गठबंधन इंतजाम कर लेगा। पूर्व विधायक शाहनवाज राना की पत्नी इंतेखाब राना भी चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोक रही हैं। वे सपा से चुनाव लड़ना चाहती हैं। सपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाने से मना कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक इंतेखाब राना निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतर रही हैं। आजाद समाज पार्टी और निर्दलीय व सपा के सदस्यों पर उनकी नजर है। जिला पंचायत का चुनाव इस हालत में त्रिकोणीय होने के आसार बन गए हैं। भाजपा के लिए चुनाव जीतना बड़ी चुनौती बन गया है। सदस्यों की खरीद फरोख्त का खेल शुरू होने जा रहा है। चुनाव के दावेदारों ने इसके लिए सदस्यों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
नया चेहरा उतारेंगे मैदान में : राशिद हुसैन
सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन के मुताबिक सपा किसी नए चेहरे को चुनाव मैदान में उतार सकती है। इसके लिए पार्टी नेताओं से विचार विमर्श चल रहा है। चेहरा ऐसा होगा जिसका विधानसभा चुनाव में भी गठबंधन को लाभ मिल सके। किसी बाहरी व्यक्ति को पार्टी चुनाव नहीं लड़ाएगी।
रालोद के सदस्य पक्के : राहुल सिंह
रालोद जिलाध्यक्ष राहुल सिंह के मुताबिक भाजपा रालोद के सदस्यों पर नजर न डाले। रालोद के चारों सदस्य पक्के हैं और वे चुनाव में गठबंधन का साथ देंगे। किसी अन्य के साथ नहीं जाएंगे।
कर रहे मंथन : सुभाष वाल्मीकि
भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि के मुताबिक भाजपा ने चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। सदस्यों को पाले में लाने के लिए मंथन चल रहा है। किसे चुनाव लड़ाया जाएगा यह एक दो दिन में तय हो जाएगा।