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Bijnor News: चुनाव में गायब हो गए हैं विकास और तरक्की के मुद्दे

Thu, 04 Apr 2024 12:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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बिजनौर, नगीना। ज्यों-ज्यों मतदान की तिथि नजदीक आ रही है वैसे-वैसे क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी तेज होने लगी है। नगर के हर प्रमुख चौराहा, होटल-रेस्टोरेंट, गलियों की दुकानों पर लोग चुनावी चर्चा में मशगूल दिख रहे हैं। लोगों के बीच इस बात की कसक उनके चेहरे पर साफ दिखाई देती है कि जीते हुए जनप्रतिनिधियों ने आज तक नगीना के लिए कुछ नहीं किया...कुछ इस तरह की चर्चा व्यापारी आपस में करते नजर आए।
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बीज व्यापारी विजय अग्रवाल कहते हैं कि नगीना की जनता ने आज तक जिस भी नेता को वोट दिया उसने नगीना के बारे में कभी नहीं सोचा। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रदेश व केंद्र की सरकार ने तो जरूर जनता के हितों को ध्यान में रखकर जनकल्याणकारी योजना चलाई लेकिन नगीना अभी भी विकास से बहुत दूर है।



व्यापारी नरेंद्र सचदेवा का कहना है कि अबकी बार उस ही पार्टी व प्रत्याशी को वोट देने का मन है जो व्यापारियों के हित के बारे में सोचेगा। उन्होंने कहा कि नगीना दशकों से विकास की इंतजार में बैठा है, लेकिन जनपद की सबसे पुरानी तहसील होने के बाद भी यहां तरक्की नहीं हो पाई।
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मुरादाबादी दाल विक्रेता महेंद्र सैनी बताते हैं कि पहली बार भाजपा सरकार ने सभी पात्र लोगों को आवास व मुफ्त राशन की सुविधा दी है। उनका कहना है कि स्थानीय प्रत्याशी को लोग बेहतर मानते हैं। उनका कहना है कि पूर्व में जीते सांसद ने नगीना का कभी रुख नहीं किया।



युवा व्यापारी सन्नी मलिक का कहना है कि व्यापारी सरकार को सबसे ज्यादा टैक्स देता है, लेकिन व्यापारी हित का ख्याल बहुत कम होता है। उनका कहना है कि सरकारों को व्यापारियों के हितों का भी पूरा ख्याल रखना चाहिए। जीएसटी धारक व्यापारियों के लिए आयुष्मान कार्ड की सुविधा होनी चाहिए।





व्यापारी हर्ष गोयल आपस में बातचीत करते हुए कहते हैं कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी देश की राजधानी के लिए नगीना से कोई ट्रेन का ना होना व्यापारी वर्ग को बहुत कष्ट देता है। रोडवेज की दशा बहुत खराब है। स्थानीय मुद्दे चुनाव से गायब है, जिनको प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
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