गुनियापुर के निर्माण कार्यों में मिलीं अनियमितताएं
बिजनौर। किरतपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुनियापुर में लाखों रुपये की लागत से कराए गए निर्माण कार्यों में अनियमितताएं मिली हैं। डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर जांच जिला विकास अधिकारी व सहायता अभियंता जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की संयुक्त टीम ने की। टीम ने निर्माण की गुणवत्ता पूर्ण नहीं होने के लिए ग्राम विकास अधिकारी व जूनियर इंजीनियर को दोषी माना है।
ग्राम पंचायत गुनियापुर के ग्रामीणों अवधेश कुमार, नितिन कुमार ने डीएम को शिकायती पत्र दिया। जिसमें कहा गया कि पंचायत में करीब दो साल पहले सार्वजनिक शौचालय का निर्माण शुरू हुआ था, जिसका निर्माण आज भी अधूरा है। जो कार्य हुआ है, उसमें मानकों का पालन नहीं हुआ है। निर्माण घटिया स्तर का है, शौचालय जर्जर हालत में है। डीएम के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा तथा सहायक अभियंता डीआरडीए अनूप राय जैन ने पंचायत में जाकर जांच की। निर्माण के समय तैनात ग्राम विकास अधिकारी सत्येंद्र कुमार पूर्व प्रधान, वर्तमान प्रधान, वर्तमान पंचायत सचिव, शिकायतकर्ता मौजूद रहे। टीम को बताया गया कि शौचालय की निर्माण लागत 04.99 लाख है। कार्य वर्ष 2020 में शुरू हुआ था। सचिव ने खर्च हुए पैसे का हिसाब बताया। टीम ने जांच रिपोर्ट डीएम व सीडीओ को भेज दी है। रिपोर्ट में निर्माण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आने की बात कही गई है। टीम ने ग्राम विकास अधिकारी तथा जूनियर इंजीनियर को दोषी माना है। ग्राम विकास अधिकारी वर्तमान में नहटौर ब्लॉक में तैनात हैं।
ये मिली हैं कमियां
डीडीओ एस कृष्णा और एई डीआरडीए अनूप राय जैन की जांच टीम को छत के नीचे दीवारों में दरार आने, छत में मानक के अनुरूप निर्माण सामग्री प्रयुक्त नहीं होने, छत नीचे से उखड़ने, शौचालय के पीछे की दीवारों में जगह-जगह दरार आने, काम अधूरे रहने आदि कमियां मिली हैं।