भारतीय वैज्ञानिकों ने विश्व को शोध की परिभाषा सिखाई
बिजनौर। वर्धमान कॉलेज में चल रहे फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का शनिवार को समापन हो गया। जिसमें स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका के पैनल वैज्ञानिक तथा जामिया मिलिया विश्वविद्यालय दिल्ली में प्रोफेसर अतीक उर रहमान ने कहा कि वैज्ञानिक ज्यादा से ज्यादा शोध पत्र लिखें। भारत के वैज्ञानिकों ने दुनिया को शोध की परिभाषा सिखाई है।
प्रोफेसर अतीक उर रहमान ने कहा कि डिग्री कॉलेजों में विद्यार्थियों को नव शोधों की जानकारी दी जाए, जिससे युवाओं की शोध में दिलचस्पी बढ़े। शोध क्षेत्र में नव राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी वैज्ञानिकों की है। उन्होंने रिमोट सैंसिग प्रणाली समेत शोध को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की विस्तृत जानकारी दी।
संयोजक डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि प्रोफेसर रहमान विश्व प्रसिद्ध शोध पत्रांक संपादकीय मंडल के सदस्य हैं। कार्यक्रम में 37 विषयों के 177 वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग किया है। डॉ. वैशाली पूनिया के संचालन में द्वितीय सत्र में मुख्य अतिथि प्रोफेसर एसके यादव ने कहा कि शिक्षक शोध में दिलचस्पी लें। शोध विषय ज्ञान अपडेट रखने का सशक्त माध्यम है। मुंबई विश्वविद्यालय के डॉ. अभिषेक, पश्चिमी बंगाल की डॉ. निवेदिता विश्वास, दिल्ली विवि के सुरेंद्र यादव ने शोध के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. धर्मेंद्र यादव ने कहा कि यह कार्यक्रम शोध के क्षेत्र में नव शोध कर्ताओं के लिए नये युग का सूत्रपात करेगा। अर्जित ज्ञान एवं उपलब्धियों को आखिरी छात्र तक पहुंचाएं। डॉ. यादव ने आभार जताया। आयोजन समिति ने डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. निदा खान, मोहम्मद साबिर रहे।