बिजनौर में जिले की आठों विधानसभा सीटों पर छोटे दलों के साथ निर्दलीय भी बड़े दलों के प्रत्याशियों का खेल बिगाड़ने पर आमादा हैं। सभी सीटों पर छोटे दलों के साथ निर्दलीय प्रत्याशियों की अच्छी-खासी तादाद है। ये प्रत्याशी जमकर प्रचार में भी जुटे हैं। इससे बड़े दलों के उम्मीदवारों की नींद हराम है।
जिले की आठ विधानसभा सीटों में बिजनौर से दो निर्दलीय व चार छोटे दलों के प्रत्याशी हैं। नजीबाबाद में तीन निर्दलीय, छह छोटे दलों के, नूरपुर में चार निर्दलीय व तीन छोटे दलों के, नहटौर में चार निर्दलीय व तीन छोटे दलों के प्रत्याशी हैं। नगीना विधानसभा सीट पर चार निर्दलीय व छह छोटे दलों के, धामपुर में दो निर्दलीय व तीन छोटे दलों के, चांदपुर में चार निर्दलीय व कई छोटे दल के प्रत्याशी हैं। बढ़ापुर सीट पर सबसे ज्यादा 13 निर्दलीय व पांच छोटे दलों के प्रत्याशी मैदान में हैं।
सभी सीटों पर निर्दलीय व छोटे दलों के प्रत्याशी बड़े दलों के उम्मीदवारों को कड़ी चुनौती दे रहे हैं। बड़े दलों के कुछ प्रत्याशी छोटे दलों व निर्दलियों को मैदान से हटने के लिए मनाने में लगे हैं, लेकिन कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। निर्दलीय व छोटे दलों के प्रत्याशी बड़े दलों के प्रत्याशियों को समर्थन तक देने को तैयार नहीं हैं। वे अपनी जीत पक्की मान रहे हैं। छोटे दलों के व निर्दलीय प्रत्याशी अंगुलियों पर चुनावी समीकरण गिनाते घूम रहे हैं। बढ़ापुर सीट से सभी 13 निर्दलीय प्रत्याशी अपनी जीत पक्की मान रहे हैं। इनमें से कोई भी चुनाव मैदान से हटने को तैयार नहीं है। इस सीट पर प्रचार में भी वे जमकर मेहनत कर रहे हैं।