निर्दलीयों और आसपा के सदस्यों की घेराबंदी शुरू
बिजनौर। जिले में जिला पंचायत की राजनीतिक पर सेंध के सूत्र पर टिक गई है। एक ओर जहां भाजपा जोड़तोड़ कर अपना अध्यक्ष बनाकर जिले में कम सीट मिलने का मलाल मिटाना चाहती है तो वहीं सपा ने अपने सभी जीते हुए जिपं सदस्यों को भाजपा नेताओं के संपर्क में न आने देने के इंतजाम शुरू कर दिए हैं।
जिले में भाजपा केवल आठ सीट ही लेकर आई है। इसके पीछे किसान आंदोलन से लेकर बगावत तक को जिम्मेदार माना जा रहा है। अब जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के लिए भाजपा ने अपना जोड़तोड़ का सूत्र शुरू कर दिया है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि आजाद समाज पार्टी और निर्दलियों को अपने साथ जोड़कर भी भाजपा को कम से कम तीन से चार सदस्यों का जरूरत पड़ेगी और इसके लिए सपा के खेमेे में सेंध लगाने की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा ने ऐसे कुछ नाम भी चिह्नित कर लिए हैं, जिन्हें चुनाव के समय अपने खेमे में लाने की उम्मीद है।
दो सीट वाली भाकियू भी अध्यक्ष की दौड़ में
भाकियू इस चुनाव में दो सीट लेकर आई है और सपा के साथ गठबंधन में है। कमाल यह है कि गठबंधन में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के नाम पर विवाद न हो, इसके लिए भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह का नाम भी चल रहा है। हालांकि इनमें अलावा हिंदू चेहरे के तौर पर मनदीप सिंह का नाम भी सपा में चर्चाओं पर है।
सपा में पांच से ज्यादा नाम पर चर्चा
इस समय सपा में पांच से ज्यादा नाम पर चर्चा चल रही है। इनमें रफी सैफी, रफी अंसारी, नसरीन सैफी, कफील अंसारी, रिजवान आदि के नाम सामने आ चुके हैं। इनमें से अधिकांश खुद को अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के तौर पर प्रोजेक्ट करने की तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि गठबंधन की 26 सीट हैं। बहुमत के लिए 28 सीटों की जरूरत होगी। इन दो सीटों के लिए सपा भी निर्दलियों की ओर देख रही है।
निर्दलीय लड़ सकती है इंतेखाब
पूर्व विधायक शाहनवाज राना की पत्नी इंतेखाब राना निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में कूद सकती हैं। पूर्व विधायक भी अपनी पत्नी के लिए सदस्यों के जोड़तोड़ में जुटे हैं। सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन के मुताबिक तमाम निर्दलीय व अन्य दलों के सदस्य उनके संपर्क में हैं। सपा किसी नए चेहरे पर दांव खेलने पर विचार कर रही है। जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी।
पार्टी में भाकियू के दिगंबर सिंह, रफी सैफी, रफी अंसारी, नसरीन सैफी सहित पांच से ज्यादा नाम पर चर्चा चल रही है। अभी कोरोना के कारण एकत्र नहीं हो पा रहे हैं, दो से तीन दिन में नाम की घोषणा कर दी जाएगी - राशिद हुसैन, जिलाध्यक्ष सपा।
उम्मीद रखिए अध्यक्ष भाजपा का ही होगा। गणित तो पूरा है, इस चुनाव में लोकल संबंध भी काम आते हैं। एक बैठक दो दिन पहले हुई थी और एक बैठक अगले दो दिन में होगी। इसमें अध्यक्ष पद के प्रत्याशी का नाम घोषित हो सकती है - सुभाष वाल्मीकि, भाजपा जिलाध्यक्ष।