- जिले के व्यापारियों को बजट में जीएसटी की दरें कम होने की उम्मीद
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। केंद्र सरकार की ओर से आज बजट पेश किया जाएगा। इस बजट से किसानों को सभी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य का दायरा बढ़ाने और खेती में प्रयोग होने वाले कृषि यंत्रों को जीएसटी दायरे से बाहर रखने की उम्मीद है। गृहणियों को रसोई के खर्च में कमी और कर्मचारियों को टैक्स में छूट की उम्मीद है। व्यापारियों को जीएसटी की दर कम होने की उम्मीद हैं।
वर्ष 2023 -24 के बजट से किसान ही नहीं सभी वर्गों को बहुत उम्मीदें हैं। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी दर ज्यादा होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। तेल महंगा होने से सामान आने-जाने में भी खर्च ज्यादा हो रहा है। व्यापारी इस बजट में जीएसटी दर कम करने तथा डीजल-पेट्रोल की कीमत कम करने की उम्मीद है। भारत की काफी बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर हैं। उनकी आजीविका का प्राथमिक स्रोत खेती ही है। इसलिए केंद्रीय बजट में कृषि पर विशेष ध्यान रहेगा। खेतों को लाभकारी बनाने के लिए फसलों की सप्लाई को अच्छी व्यवस्था करने, एफपीओ को प्रभावी बनाने, छोटे किसानों को बीमा योजना में अच्छी सुविधा, तकनीकी यंत्रों का प्रयोग के लिए तथा किसान तक पहुंचने के लिए सार्थक प्रयास हो, देश में न्यूनतम समर्थन मूल्य का दायरा बढ़ाते हुए फल सब्जियों की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाएं।
बोले किसान नेता
बजट में किसानों के लिए विशेष होना चाहिए। कीटनाशक, खाद, बीज, डीजल तेल महंगा हो रहा है, यह सस्ते हों, कृषि यंत्रों को जीएसटी के दायरे से दूर किया जाए - बाबूराम तोमर, मंडल अध्यक्ष भाकियू
न्यूनतम समर्थन मूल्य का दायरा बढ़ाया जाए। फल, सब्जियों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय हो, बजट में किसान सम्मान निधि को बढ़ाने, कृषि यंत्रों, कीटनाशकों सस्ते हों - चौधरी दिगंबर सिंह, प्रदेशाध्यक्ष युवा भाकियू अराजनैतिक
बजट में किसानों के लिए विशेष घोषणा हो, बजट में खेती में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों, खरपतवार नाशक, कीटनाशक, खाद, बीज आदि को जीएसटी से मुक्त किया जाए - विनोद कुमार उर्फ बिट्टू, जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन
- गृहणियों को बजट से यह उम्मीद
बजट में रसोई का विशेष ध्यान होना चाहिए। खाद्यान वस्तुएं सस्ती होनी चाहिएं, मुख्य रूप से आटा, मसाला, तेल आदि। बढ़ती महंगाई से परिवार की आर्थिक पर असर आता है। - बीना राठी, वैष्णो विहार, बिजनौर।
तेजी से बढ़ती महंगाई रसोई का बजट बिगाड़ रही है। गैस सिलिंडर और तेज, दालें व मसालों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। सिलिंडर व अन्य पदार्थ सस्ते होने की उम्मीद है - प्रीति, इंद्रलोक काॅलोनी, बिजनौर।
- व्यापारियों को बजट से उम्मीद
जीएसटी दरों में हो कमी : अनिल गंभीर
व्यापारी अनिल गंभीर ने बताया कि बजट व्यापारियों के हित में हो। जीएसटी की दरों को कम किया जाए। जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान न हो। जीएसटी की बढ़ती दरें व्यापारी और ग्राहक दोनों को प्रभावित कर रही हैं।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में की जाए कमी : सिद्धार्थ अग्रवाल
व्यापारी सिद्धार्थ अग्रवाल का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत दी जाए। क्योंकि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन लागत में वृद्धि होने से सामान की कीमत बढ़ रही है। इसका असर ग्राहक पर पड़ रहा है।
आयकर की सीमा में की जाए वृद्धि : अजय अग्रवाल
व्यापारी अजय अग्रवाल ने कहा कि पिछले कई वर्षों से आयकर में छूट की सीमा नहीं बढ़ाई जा रही है। जबकि बाजार में व्यापार कम हो रहा है। लगातार महंगाई बढ़ रही है। आयकर दरों में छूट की जाए, जिससे व्यापारियों का भार कम हो।
आयकर सीमा पांच लाख की जाए : देवेश अग्रवाल
व्यापारी देवेश अग्रवाल ने बताया कि व्यापार मंदी की चपेट में आने के करीब है। इससे व्यापारी परेशान है। जीएसटी की दरें कम की जाएं। इसके अलावा आयकर की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख की जाए। इससे व्यापारियों को कुछ राहत मिलेगी।