किसान फसल बीमा में केवल एक हजार हेक्टेअर फसल का हुआ बीमा
बिजनौर। किसान फसलों का बीमा कराने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। रबी की फसलों के लिए केवल सवा चार हजार किसानों ने ही फसलों का बीमा कराया है जबकि जिले में करीब साढ़े तीन लाख से अधिक किसान हैं। रबी की फसलों में मुख्य रूप से गेहूं और सरसों की फसल शामिल होती हैं। जिले के किसान भी इन फसलों को काफी रकबे में बोते हैं। जिले में इन दोनों फसलों का रकबा करीब पौने दो लाख हेक्टेयर तक रहता है। फसलों को किसी आपदा में नुकसान होने पर किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संचालित है। योजना को कुछ समय पहले ही स्वैच्छिक किया गया है। किसान जब बैंक से केसीसी पर लोन लेते हैं तो उनसे फसल का बीमा कराने के बारे में पूछा जाता है। साथ ही किसान जन सुविधा केंद्रों से भी फसलों का बीमा करा सकते हैं। फसल बोने से लेकर कटकर घर जाने तक कोई भी नुकसान होता है तो बीमा कंपनी द्वारा इसकी भरपाई की जाती है। मुआवजे से जुड़ी होने के बाद भी किसानों की दिलचस्पी योजना में नहीं है। रबी की फसल के लिए केवल 4,370 किसानों ने ही बीमा कराया है।
सबसे कम बीमित रकबा बिजनौर का
मुरादाबाद मंडल के किसानों में रकबे के हिसाब से सबसे कम रकबा बिजनौर में ही बीमित हुआ है। जिले में केवल एक हजार 95 हेक्टेअर फसलों का ही बीमा किसानों ने कराया है।
फसल बीमा की स्थिति
जिला किसान बीमित रकबा
मुुरादाबाद 6754 2411
बिजनौर 4370 1095
रामपुर 5442 3924
संभल 4812 1737
अमरोहा 3508 1256
नोट:आंकड़े कृषि विभाग से लिए गए हैं।
पहले से ज्यादा हुआ बीमा
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र के अनुसार पहले के मुकाबले ज्यादा किसानों ने बीमा कराया है। गन्ने के योजना से बाहर होने के कारण बीमित क्षेत्रफल कम रहता है।