किसानों को मालामाल करेंगी गेहूं की उन्नतशील प्रजातियां
धामपुर। किसानों को मालामाल करने के लिए कृषि विभाग की ओर से चार नई उन्नतशील गेहूं की प्रजातियों के बीजों को सरकारी बीज भंडारों पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया गया है। बीज की आवक होने के साथ बिक्री शुरू हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसान नई प्रजातियों के बीजों से ही गेहूं की फसल की बुवाई करें। ऐसा करने से किसान फसल की बढ़िया पैदावार ले सकेंगे। खाने में भी इन प्रजातियों का गेहूं अन्य प्रजातियों के गेहूं से अधिक स्वादिष्ट व लाभकारी है। किसान कम लागत लगा उत्कृष्ट पैदावार लेकर अधिक रकम कमा सकते हैं।
धामपुर खाद बीज भंडार के इंचार्ज मनीष कुमार का कहना है कि कृषि विभाग की ओर से इस बार गेहूं की चार नई उन्नतशील प्रजातियों को बुवाई के लिए बीज भंडारों पर भेजा गया है। इनमें से तीन प्रजातियां अगेती, एक प्रजाति मध्यम श्रेणी की है। अगेती प्रजाति के गेहूं की बुवाई 15 नवंबर तक होगी, जबकि मध्यम प्रजाति के गेहूं की बुवाई का उत्तम समय 30 नवंबर तक का है। विभाग की ओर से 180 क्विंटल गेहूं बीज की आवक हो चुकी है। अब तक करीब 12 क्विंटल से अधिक गेहूं के बीज की किसान खरीद कर चुके हैं। यह बीज केवल सरकारी बीज भंडारों पर ही उपलब्ध है। बाजार में यह बीज किसी भी प्राइवेट दुकानों पर नहीं है।
50 प्रतिशत के अनुदान पर बीज उपलब्ध
गोदाम प्रभारी का कहना है कि सरकार की ओर से किसानों को इस बीज की खरीद पर 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। वैसे गेहूं की बीज का रेट 4,025 प्रति क्विंटल है। जो किसान बीज लेना चाहता है, वह कृषि अभिलेखों को जमा कर प्राप्त कर सकता है। किसानों को बीज की खरीद करने पर पहले उसे रेट के हिसाब से एकमुश्त रकम देनी होगी। बाद में सरकार की ओर से 50 प्रतिशत की अनुदान धनराशि उनके खाते में भेजी जाएगी।
यह हैं उन्नतशील प्रजातियां
गोदाम प्रभारी का कहना है कि अगेती प्रजातियों में डीबीडब्लू 187,डीबीडब्लू 222, एचडी 3086 एवं पीबीडब्ल्यू 01 जेड एन शामिल है, जबकि एचडी 3226 मध्यम कैटेगरी की प्रजाति हैं। पिछली बार धामपुर तहसील क्षेत्र में 480 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल की बुवाई हुई थी। अभी तक विभाग की ओर से इस बार का लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन अनुमान है कि पिछले साल की तुलना में इस बार भी अधिक हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई होगी।
ऐसे करें बुवाई
अधिकारियों का कहना है कि गेहूं की बढ़िया फसल लेने के लिए किसान पहले खेत में गोबर की खाद डालें। फिर गहरी जुताई करने के बाद फसल की बुवाई करें। आठ से 10 किलोग्राम प्रति बीघा के हिसाब से बीज का प्रयोग करें। पांच से 10 किलोग्राम डीएपी खाद का छिड़काव करें।