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Bijnor News: बिजनौर-रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर, एक महीने में 16 बच्चे कोरोना संक्रमित

Wed, 19 Apr 2023 11:08 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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-50 कोरोना संक्रमित मरीज जिले में सक्रिय
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-16 मार्च से अब तक 112 लोगों में हुई कोरोना की पुष्टि
फोटो..
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के केस चिंता का सबब बन रहे हैं। वहीं रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से बच्चे भी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। हर रोज एक या दो बच्चों के संक्रमित मिलने का सिलसिला जारी है। जिले में एक महीने के अंदर 16 बच्चों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि सभी कोरोना संक्रमित बच्चे ठीक हैं। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से ही बच्चों को कोरोना हुआ है।

बिजनौर में 16 मार्च से कोरोना के मरीज मिलने का सिलसिला शुरू हुआ था। इसके बाद से अब तक 112 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। वर्तमान में कोरोना के 50 सक्रिय मरीज हैं। सभी घर में सुरक्षित हैं। वहीं इस बार बच्चे भी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। इसका कारण कोरोना नियमों का पालन नहीं करना है। इससे कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बच्चे सफर में या फिर घर में ही कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आकर पॉजिटिव हुए हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक में बुखार, जुकाम, खांसी जैसे ही लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी तो कम हुआ वायरस का खतरा: डॉ. आरएस वर्मा
मेडिकल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि वैक्सीन लगने के बाद लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ गई है। इसकी वजह से कोरोना का वायरस गले से नीचे शरीर में प्रवेश नहीं कर पा रहा है, क्योंकि वैक्सीन लगने से व्यक्ति के शरीर में वायरस से लड़ने की क्षमता अधिक हो गई है। यही वजह है अब लोग कोरोना होने के बाद भी एक सप्ताह में ठीक हो रहे हैं। इससे पहले कोरोना वायरस शरीर में पहुंचकर फेफड़ों में संक्रमण कर रहा था। जिससे लोगों को सांस लेने सहित कई समस्या पैदा हो रही थीं।

संक्रमित बच्चों में नहीं दिखाई दे रही कोई परेशानी: डॉ. सुरेंद्र सिंह
मेडिकल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र सिंह का कहना है कि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर ही बच्चे कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिसकी वजह से बच्चे जल्दी ही कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। हालांकि बच्चों में कोई ज्यादा परेशानी नहीं दिखाई दे रही है।

भीड़भाड़ वाले इलाकों में बच्चों को ले जाने से बचें : डॉ. विभू शर्मा
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विभू शर्मा ने कहा कि ज्यादातर बच्चे बुखार, जुकाम, खांसी से ग्रसित हैं। लोग कोरोना को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों में बच्चों को नहीं ले जाएं। इससे काफी हद तक बच्चों को कोरोना संक्रमित होने से बचाया जा सकता है। बुखार तो एक सप्ताह में ठीक हो रहा है, मगर खांसी 15 दिन तक अपना असर दिखा रही है।
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जिले में कोरोना संक्रमित मिले बच्चों की संख्या-
तारीख- संक्रमित बच्चों की संख्या
27 मार्च- दो
1 अप्रैल- एक
8 अप्रैल- एक
11 अप्रैल- एक
13 अप्रैल- चार
14 अप्रैल- एक
15 अप्रैल- दो
17 अप्रैल- तीन
18 अप्रैल- एक
नोट: कोरोना संक्रमित बच्चों के आंकड़े स्वास्थ्य विभाग की कोरोना रिपोर्ट से लिए गए हैं।
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वर्जन::
जिले में कोरोना जांच बढ़ाई गई है। बच्चों की कोरोना जांच ज्यादा की जा रही है, जिसकी वजह से बच्चे कोरोना संक्रमित मिले रहे हैं। कोरोना संक्रमित मिले सभी बच्चे घर में सुरक्षित हैं। किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर ही बच्चे कोरोना की चपेट में आए हैं। इसलिए बच्चों को ज्यादा बाहर नहीं घुमाएं।.....डॉ. विजय कुमार गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिजनौर
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