नजीबाबाद में कवि सम्मेलन में कवियों को सम्मानित करते संस्था अध्यक्ष।
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देश प्रेम की भावना दिल में जगा कर तो देखो...
नजीबाबाद। अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों और कवयित्रियों ने देशभक्ति रचनाओं से सबका मन मोहा लिया।
संस्था के युवा कवि जसवंत सिंह प्रकाश द्वारा अमृत महोत्सव के तहत आयोजित कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि अशोक अग्रवाल, संस्था के अध्यक्ष प्रदीप डेजी और राजेश मिश्रा ने सरस्वती वंदना से किया। अंजलि मिश्रा ने कहा नहीं रहे अब शास्त्री नेहरू न ही भगत सिंह चंद्रशेखर, पहने मुखौटा राम का अब तो रावण घूम रहे घर घर, जसवंत सिंह प्रकाश ने राष्ट्र भक्ति की डगर है कठिन भी मगर, वतन पर समर्पित तन मन कीजिए, कुमुद कुमार ने पढ़ा, जो चढ़ गए निर्भीक फांसी के फंदों पर, भारत के बेटों की लहू की आग सुनाता हूं, बेगराज यादव ने कहा, देश प्रेम की भावना दिल में जगा कर तो देखो, भारत माता की जय का नारा लगा कर तो देखो, जितेंद्र कक्कड़ ने आओ सम्मान करें देश के संविधान का, देश के मान का देश के स्वाभिमान का, मंजू जौहरी ने कहा, मैं अपने देश के गणतंत्र का सम्मान करती हूं, तिरंगा हो कफन मेरा यही अरमान करती हूं, राजेश मिश्रा ने पढ़ा, काश मेरे मन में भी आज ऐसा विचार बन जाए, दुश्मन का घर भी मेरा परिवार बन जाए, समेत जयप्रकाश जौली, अशोक सविता, प्रमोद शर्मा, अजय जौहरी, राजेंद्र त्यागी, प्रदीप डेजी ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। श्याम तिवारी की अध्यक्षता में कार्यक्रम में शिव कुमार माहेश्वरी, विकास कश्यप, नरेंद्र पाल, पंकज माहेश्वरी, केशव, असलम, अरविंद, प्रभात जाखेटिया, मोहन कुमार, मनोज त्यागी, आलोक त्यागी आदि मौजूद रहे।