राजा का ताजपुर में पिछले कई दिन से बैंक में कैश न होने से गुस्साए ग्राहकों ने पंजाब नेशनल बैंक के सामने स्योहारा-नूरपुर मार्ग पर जाम लगाकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर बामुश्किल जाम खुलवाया।
नोटबंदी के बाद से बैंकों के सामने लंबी लाइनें लगी हुई हैं। पंजाब नेशनल बैंक में बीते शुक्रवार से नो कैश की स्थिति है। मंगलवार सुबह करीब दस बजे बैंक पहुंचे ग्राहक गेट पर नो कैश की तख्ती लटकी देखकर बुरी तरह से भड़क गए। गुस्साए ग्राहकों ने नूरपुर-स्योहारा मार्ग पर अवरोध लगाकर जाम लगा दिया।
बाद में पहुंची पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत किया। लेकिन जाम खुलने पर भी ग्राहक बैंक के गेट पर धरना देकर बैठ गए और गेट नहीं खुलने दिया। ग्राहकों ने बताया कि राजा का ताजपुर में चार बैंकों की शाखाएं हैं। लेकिन सभी में कमोवेश स्थिति यह है कि पूरे सप्ताह तक लाइन में लगने के बाद भी कैश नहीं मिल रहा। ग्राहकों ने बैंक कर्मचारियों पर मनमानी का आरोप लगाया। पीएनबी के शाखा प्रबंधक मुकेश कुमार ने बताया कि धनराशि जमा करने के मुकाबले निकासी ज्यादा होने के कारण यह समस्या आ रही है।
उधर, चांदपुर में गांव रवाना की महिलाओं ने तहसील पर प्रदर्शन कर एक ज्ञापन एसडीएम को दिया। ज्ञापन में समूह से लिए गए रुपये को नोटबंदी के चलते माफ कराने की मांग की है। मंगलवार को गांव रवाना की महिलाएं तहसील पर एकत्र हुईं और प्रदर्शन किया। महिलाओं ने एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी के लिए दिया। इसमें महिलाओं का कहना है कि उन्होंने समूह से रुपये लिया था। इसे किस्तों में जमा करना था। महिलाओं ने कुछ पैसा जमा किया लेकिन नोटबंदी के कारण किस्त जमा करने में परेशानी आ रही है। समूह के लोग आयेदिन उनके घरों पर आकर गाली-गलौज करते हैं तथा रुपये वसूलने का दबाव बनाते हैं। समूह के लोग महिलाओं से अभद्रता से पेश आ रहे हैं। इसलिए रुपये माफ कराने की गुहार लगाई है। इसमें इसरतजहां, सुमन देवी, रूबी, रेखा, कैसर, रिहाना, नसीमा, साजिदा, जाफरी आदि काफी महिलाएं मौजूद रहीं।
वहीं धामपुर में बैंकों के बाहर ग्राहकों की कतार खत्म नहीं हो रही है। ग्राहकों को लंबी लाइन में लगने पर भी कैश नहीं मिला। खातेधारकों का एसबीआई, पीएनबी, कैनरा, एक्सिस बैंकों में कैश को लेकर हंगामा कम नहीं हो रहा है। शाखाओं में कैश लिए रोजाना हंगामा चल रहा है। ग्राहकों का आरोप है कि दिन भर लाइन में लगने पर भी कैश नहीं मिल रहा है। नोटबंदी के बाद घरों में बीमार पड़े लोगों का इलाज नहीं करा पा रहे हैं। गिने चुने ग्राहकों को रकम बांटकर बैंक कर्मी कैश न होने का हवाला देकर टरका देते हैं। अब ग्राहकों के सिर के ऊपर से भी पानी गुजरने लगा है। एटीएम की सर्विस बदतर है। नगर में एक दो एटीएम को छोड़ दें तो कोई नहीं चल रहा है। एसबीआई व पीएनबी के एटीएम पर ताले लटके हैं। घरों में मरने मारने की नौबत हो गई है। प्राइवेट बैंकों के तीन एटीएम ही चल रहे हैं। वो भी कुछ देर चलने के बाद कैश उगलना बंद कर देते हैं। ग्राहकों ने आरबीआई से बैंकों की जांच कराने की मांग की।
उधर, अफजलगढ़ नगर क्षेत्र के स्टेट बैंक, पीएनबी, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक व सहकारी बैंकों के बाहर हजारों खातेधारकों की भीड़ लगी रही। पीएनबी में सोमवार को कनेक्टिविटी ना होने से सैकड़ों उपभोक्ता लौटना पड़ा। जिसके चलते मंगलवार की सवेरे ही बैंक के बहार सैकड़ों लोग जमा हो गये। ग्राहकों में बैंक में घुसने को लेकर आपाधापी मच गई। ग्राहकों में आपस में धक्का मुक्की तक नौबत पहुंच गई। पुलिस ने स्थिति को संभाला। ग्राहक राजीव, विकास, सोनू, दिनेश, हरपाल, मजीद, लियाकत, फरहाना, रुकसाना का कहना है कि शनिवार व रविवार को बैंक की छुट्टी रही। सोमवार को बैंकों की कनेक्टिविटी नहीं आई। बैंकों के चक्कर लगाते लगाते आगे ग्राहक बेबस हो गए हैं। लेकिन समस्या से निजात नहीं मिल रही है।
ग्राहकों का आरोप है कि नगर एटीएम भी कोई नहीं चल रहा है। अधिकांश एटीएम नोटबंदी के बाद से बंदी की हालत में हैं। अगर चलते भी हैं तो एक दो घंटे के लिए चलाए जा रहे हैं।