बिजनौर के हल्दौर क्षेत्र में किसी मां ने ममता का मर्म नहीं समझा और बेदर्दी के साथ एक नवजात बच्ची को बोरे में बंद करके नांगल जट के क्रेशर के पास डाल दिया। इस बच्ची को अपनाने के लिए पुलिस महकमे ने पहल की। नवजात को अपनाने के लिए हल्दौर थाने के प्रभारी निरीक्षक व एक दरोगा में होड़ मच गई। थाने के स्टाफ की रजामंदी के बाद बच्ची को दरोगा को सौंप दिया। सोमवार को नांगलजट में स्थित क्रेशर के पास बोरे में नवजात मिली। आवारा कुत्तों ने बच्ची को नोंचने का प्रयास किया। बच्ची की रोने की आवाज सुनकर राहगीरों ने नवजात को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया। पुलिस ने शिशु को सीएचसी में भर्ती कराया।
इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने बच्ची को सीएचसी में भर्ती कराया है। बच्ची को गोद लेने के लिए पुलिस महकमे में होड़ लग गई। थाना प्रभारी निरीक्षक संजय गर्ग बच्ची को गोद लेनेे के लिए तैयार हो गए। इस पर थाने में तैनात दरोगा वीरेंद्र सिंह मथुरा में अपने नि:संतान भाई अजब सिंह के लिए बच्ची को गोद लेने के लिए तैयार हो गए। इस पर बच्ची को दरोगा वीरेंद्र सिंह की सपुर्दगी में दे दिया गया है।