बिजनौर। पानी को बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास रंग लाए हैं। पिछले कुछ सालों से लगातार गिर रहा भूगर्भ जल का स्तर थोड़ा सुधरा है। सरकार ने भूगर्भ जलस्तर को बढ़ाने के लिए सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनवाए थे। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। सरकार की जिम्मेदार साथ ही नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे जल बचाएं। केवल दीवार पर नारे लिखकर या पढ़कर अपनी जिम्मेदारियों से पीछा न छुड़ाएं।
बिजनौर जिले को नदियों का वरदान मिला है। गंगा, मालन, बान, खो सहित करीब दर्जन भर नदियां जिले से गुजरती हैं। इसके अलावा जिले में कई नहरें भी हैं। जहां से नदियां व नहरें निकलती हैं आमतौर पर वहां भूगर्भ जल अच्छा रहता है, लेकिन जल के दोहन की अब अति होती जा रही है। जिलेभर में भूगर्भ जल का अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है। हर रोज अरबों अरब लीटर पानी धरती की कोख से निकाला जा रहा है। जिले में भूगर्भ में जाने वाले जल के मुकाबले दोहन 120 प्रतिशत ज्यादा है। बारिश का पानी भी नालियों में ही बह जाता था। पिछले साल सरकार ने पानी को बचाने के लिए पहल की थी। केंद्र व सरकार ने बारिश के पानी को भूगर्भ जल से जोड़ने के लिए सभी परिषदीय स्कूलों, इंटर कॉलेज, ब्लॉक कार्यालय आदि में रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनवाए थे। छत पर बरसे पानी को पाइप के जरिये सीधे भूगर्भ में भेजा। नगर पालिका व पंचायतों में ओवरहैड टैंक के पास भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनवाए। जिलेवासियों को जल बचाने के लिए प्रेरित किया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। गिरते भूगर्भ जल में एक ही साल में सुधार देखने को मिला है। ऐसा तब हुआ जब केवल छोटे सरकारी भवनों को जोड़कर इतना बड़ा बदलाव किया जा सकता है। अगर सभी जिलेवासी इससे जुड़ जाएं तो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी पानी की कमी नहीं होगी।
यह है स्थिति
ब्लॉक 2007 2008 2009 2010 2011 2012 2013 2014 2015 2016 2017 2018 2019
अफजलगढ़ 5.61 5.39 6.69 6.38 3.45 5.71 5 5.64 5.40 4.78 5.25 6.07 3
धामपुर 5.75 7.61 7.98 10.50 6.84 8.14 6.33 6.78 8.79 7.16 7.63 7.52 4.32
हल्दौर 11.28 10.77 11.26 12.47 9.30 8.91 9.62 9.44 9.27 10.56 10.97 10.54 9.19
जलीलपुर 11.03 10.97 11.03 12 10.30 10.36 9.81 9.35 9.92 10.75 11.27 10.49 9.27
किरतपुर 0.09 10.58 11.00 11.27 9.28 9.40 9.68 9.72 10.06 10.55 11.18 9.58 8.78
कोतवाली 6.35 9.29 7.45 9.37 6.96 7.84 7.41 7.70 8.15 9.30 9.42 10.23 7.51
देवमल 4.75 8.98 9.41 10.74 8.66 9.05 8.99 8.43 8.58 9.31 9.54 10.25 9.42
नजीबाबाद 5.15 4.93 8.05 10.38 8.99 15.33 10.44 9.80 10.81 10.60 10.82 10.57 8.92
नहटौर 10.42 10.63 9.47 11.46 8.12 8.48 8.14 7.58 7.75 8.94 9.48 8.78 7.52
नूरपुर 7.99 9.15 8.87 10.75 8.09 7.53 8.75 7.59 8.00 8.62 8.90 8.42 8.34
स्योहारा 7.68 8.00 7.13 9.35 5.99 7.86 6.40 6.17 6.62 6.70 7.49 6.26 6.01
नोट:सभी आंकड़े जल निगम से लिए गए हैं। आंकड़े मीटर में हैं।
तीन ब्लॉक अति दोहित
जले के तीन ब्लॉक स्योहारा, नूरपुर व जलीलपुर में पानी का दोहन बहुत ज्यादा हो रहा है। इसके मुकाबले बहुत कम पानी ही जमीन में वापस लौट रहा है। शासन ने इन तीन ब्लॉक को अति दोहित ब्लॉक घोषित किया है। इसके अलावा नहटौर ब्लॉक भी क्रिटिकल जोन में शामिल हो गया है। यहां भी पानी के दोहन के मुकाबले पानी रिचार्ज बहुत कम हो रहा है।
सभी समझें जिम्मेदारी
एसडीएम बृजेश कुमार के अनुसार जल बचाना सभी की जिम्मेदारी है। कोई भी जल को बेकार में नालियों में न बहाएं। सभी अपनी जिम्मेदारी समझें। जल बचाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों से खुद भी जुड़ें और दूसरों को भी जोड़ें।