‘मैं नहीं हत्या करवाता तो वह मुझे मरवा देता’
बिजनौर। बसपा नेता व प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान व उसके भांजे की हत्या को अंजाम देने वाले कुख्यात अपराधी शहनवाज ने ये राज नहीं खोला कि अहसान की हत्या के पीछे किसका हाथ है। और किन लोगों ने उसकी हत्या की उसे सुपारी दी थी। दो दिन पहने रिमांड पर लिए शाहनवाज ने पुलिस को केवल इतना बताया कि अहसान उसकी व नजीबाबाद क्षेत्र के कई बड़े लोगों की हत्या कराने का ताना बाना बुन रहा है। अपनी जान बचाने के लिए ही उसने अहसान की हत्या कराई है। अगर अहसान की हत्या नहीं होती तो अहसान उसकी हत्या करा देता।
नजीबाबाद में 25 मार्च को हाजी अहसान व उसके भांजे की गुरुद्वारा के पास स्थित अहसान के कार्यालय में घुसकर दो शूटरों ने दोनों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इस हत्या में गांव उब्बनवाला निवासी दानिश पुत्र सेवन, गांव कनकपुर निवासी शाहनवाज अंसारी ,दानिश पुत्र इरफान गांव कनकपुर, गांव राहुखेड़ी निवासी जब्बार के नाम प्रकाश में आए थे। इनके अलावा पठानपुरा निवासी आसिफ , हवेली तला निवासी खुर्शीद समेत कई लोगों के इस हत्या में चालान किए थे। जब्बार व दानिश ने इस हत्या को अंजाम दिया था। हत्या शहनबाज ने कराई थी। पुलिस ने दानिश को मुंबई व जब्बार व शाहनवाज को दिल्ली से दबोचा था। दो दिन पहले पुलिस ने शाहनवाज को रिमांड पर लेकर पूछताछ की। सीओ नजीबाबाद प्रवीण कुमार सिंह के मुताबिक शाहनवाज ने केवल इतना ही बताया कि अहसान उसकी हत्या कराना चाहता था, इसलिए उसने अहसान की हत्या कराई। अहसान उसके अलावा नजीबाबाद के कई लोगों की हत्या कराने की योजना बना रहा था। शाहनवाज ने यह नहीं बताया कि अहसान की हत्या किसी अन्य ने तो उससे नहीं कराई।