- सीएमओ ऑफिस पहुंच कर कहा- पति ने मानसिक बीमार दिखने के लिए नाटक करने को बोला था
-चिकित्सक ने भी दे दी दो साल के अस्थाई दिव्यांग प्रमाणपत्र को हरी झंडी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में एक अजीबो गरीब मामला देखने को मिला है। पति ने सीएमओ कार्यालय में पत्नी का दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवा दिया। बुधवार को सीएमओ कार्यालय पहुंची पत्नी बोली, मैं बिल्कुल ठीक हूं। उसने कहा मानसिक रूप से बीमार दिखने के लिए पति ने नाटक करने को बोला था।
गांव नारायणपुर निवासी घनश्याम की पुत्री पारुल का शादी करीब चार साल पहले गांव मरकपुर तालन निवासी अनिल से हुई थी। उसके तीन वर्ष का पुत्र भी है। आरोप है कि अनिल कुमार पारुल के साथ मारपीट करता है। दो माह पूर्व इसकी शिकायत महिला के पिता ने महिला थाने में की थी। हद तो तब हो गई जब अनिल ने दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर 23 सितंबर को सीएमओ कार्यालय से पारुल का मानसिक रूप से बीमार का दिव्यांग प्रमाणपत्र भी बनवा लिया।
चिकित्सक ने भी दो साल के अस्थाई प्रमाण पत्र को हरी झंडी दे दी। मगर बुधवार को अपने पिता के साथ सीएमओ कार्यालय पहुंची पारुल ने कुछ अलग ही कहानी बयां की। उसने बताया कि प्रमाणपत्र बनने के बाद अनिल अपनी पत्नी को उसके मायके छोड़ आया। प्रमाण पत्र बनवाने की बात पर उसके मायके वालों ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर मामले की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने शिकायत कर प्रमाण पत्र निस्तारित करने की मांग की।
मानसिक रोग विशेषज्ञ को गुमराह कर महिला का मानसिक बीमारी का प्रमाण पत्र बनवा गया है। महिला मानसिक रूप से स्वस्थ है। मामले की जांच कराई जाएगी। इसके बाद प्रमाण पत्र निरस्त करने की कार्रवाई करेंगे। - डॉ. कौशलेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिजनौर