- न्यायालय ने दोनों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम अवतार यादव ने अनुज रानी को आत्महत्या के लिए विवश करने के मामले में मृतका के पति शूरवीर सिंह व सास कुसुम को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार प्रभात कुमार ने थाना धामपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह गांव शिवपुरी का रहने वाला है। साल 2002 में अपनी बहन अनुज रानी की शादी गांव जैतरा के शूरवीर सिंह के साथ की थी। सामर्थ्य के अनुसार दहेज भी दिया था। शादी के कुछ दिन बाद ही पति शूरवीर सिंह, ससुर हरस्वरूप सिंह, सास कुसुम, कुलवीर, जयवीर, विमल व नरेश ने दहेज के लिए पांच लाख रुपये और एक गाड़ी की मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर उसकी बहन के साथ मारपीट की गई।
इनका कहना था कि जब तक पांच लाख रुपये और गाड़ी नहीं लाएगी, तब तक घर में नहीं जाने देंगे। इन्होंने उसे घर से निकाल दिया था। समझा-बुझाकर उसे ससुराल भेजा गया। 13 फरवरी 2012 को पति व ससुराल वालों ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उसे जहर दे दिया। खबर मिलने पर वह मुरादाबाद के साईं अस्पताल पहुंचे, तब तक उसकी बहन की मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने इस मामले में पति शूरवीर सिंह, ससुर हरस्वरूप सिंह, सास कुसुम के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था। हरस्वरूप की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई। कुलवीर, जयवीर, विमल व नरेश को अदालत ने विचारण के लिए तलब किया था। जिन्हें दोष सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया था। पति शूरवीर व सास कुसुम को दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास से दंडित किया गया है।