बिजनौर में डीआईओएस ने इंस्पायर अवार्ड के लिए छात्रों का नामांकन नहीं कराने वाले प्रधानाचार्यों पर शिकंजा कस दिया है। योजना छात्र-छात्राओं की वैज्ञानिक प्रतिभा को आगे लाने के लिए शुरू की गई है। अब शासन ने नामांकन की आखिरी तारीख 15 मार्च नियत की है।
डेीआईओएस एके दुबे के अनुसार शासन ने कक्षा छह से दस तक अध्ययनरत छात्र छात्राओं के लिए इंसपायर अवार्ड योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत इन कक्षाओं के एक एक टॉपर छात्र का नाम भेजा जाता है। शासन की ओर से एक छात्र को पांच हजार रुपये दिए जाते हैं। इस धनराशि से छात्र विज्ञान का मॉडल तैयार करता है। जिले में जिन छात्रों के मॉडल स्तरीय होते हैं। उन्हें मंडल, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक भेजा जाता है। वहां चयन होने पर छात्र को वैज्ञानिक शोध में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। शासन की ओर से इन टॉपर छात्रों के बायोडाटा का आन लाइन पंजीकरण कराने के निर्देश हैं, लेकिन अधिकांश छात्रों के आन लाइन पंजीकरण नहीं हुए हैं। डीआईओएस के अनुसार प्रथम दृष्टा प्रधानाचार्य इसके लिए दोषी हैं। यदि तय तारीख तक टॉपर छात्रों का ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कराया गया तो कार्रवाई होगी।