होशराम के परिवार को मिलनी चाहिए मदद
बिजनौर। दोनों हाथों में पिस्टल हो और हृष्टपुष्ट शरीर का बदमाश हो तो अच्छे अच्छों की हिम्मत जवाब दे जाती है, लेकिन होशराम ने जान की परवाह किए बिना बदमाश को दबोच लिया था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि खुद को छुड़ाने के लिए बदमाश ने फायर किया तो होशराम की मौत हो गई।
कमाल यह रहा कि दिन में परिजन होशराम की हिम्मत के बदले मदद मांगते रहे तो पुलिस ने शाम को मौत का कारण हार्ट अटैक बताकर मामला ही शांत कर दिया। और तो और जिस कंपनी में बदमाश लूट का प्रयास कर भाग रहा था, उस कंपनी की ओर से भी कोई ममद की पहल नहीं आई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या कानून की मदद करने वाले के परिवार को कहीं से मदद नहीं मिलेगी। हालांकि बुद्धिजीवी भी इस पर हैरानी जता रहे हैं और सामाजिक संगठनों से होशराम के परिवार की मदद की अपील भी कर रहे हैं।
होशराम अपने पीछे पत्नी सविता के अलावा दो साल का बेटा व नौ साल की पुत्री को छोड़ गया हैं। सविता छह माह की गर्भवती हैं। होशराम खुद पॉपकॉर्न बेचकर परिवार की गुजर बसर कर रहा था। सोमवार की शाम को होशराम की बदमाश को पकड़ने के लिए की गई हिम्मत ने ही उसकी जान ले ली। मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पर उसकी पत्नी सविता भविष्य में गुजर बसर को लेकर चिंता में डूबी थी तो पति की मौत का दुख में शाम तक रोती रही।
कानून की रक्षा के लिए जान देने वाले की हो मदद
जिला बार के पूर्व अध्यक्ष एसके बबली एवं पूर्व एडीजीसी श्याम स्वरूप शर्मा, एडवोकेट स्पोर्ट्स क्लब के अध्यक्ष कुलदीप चौहान ने कहा कि कानून की रक्षा के लिए जान देने वाले होशराम के परिवार की मानवता के नाते मदद करनी चाहिए। होशराम की मौत का कारण चाहे जो हो, लेकिन उसने हिम्मत दिखाई थी। पुलिस विभाग, सामाजिक संगठनों को भी मदद के लिए आगे आना चाहिए। यदि होशराम के परिवार की मदद नहीं होती है तो लोग आगे क्यों आएंगे। लायंस क्लब के अध्यक्ष जयवीर राठी ने कहा कि होशराम की हिम्मत को सलाम है। कानून की रक्षा के लिए नि:स्वार्थ रूप से जान देने वालों को यदि मदद नहीं मिली तो लोग ऐसे मामलों से बचने लगेंगे। हम सबकी जिम्मेदारी है, उसके परिवार की मदद करनी चाहिए।
सहानुभूति पूर्वक मामले को देखेंगे : एसपी
एसपी डा.धर्मवीर सिंह ने कहा कि होशराम की मौत का कारण हार्ट अटैक आया है। होशराम के मामले को सहानुभूमि पूर्वक देखा जाएगा। सामाजिक संगठनों को भी आगे आकर मदद करनी चाहिए।
कानून की रक्षा के लिए आगे आने वालों को प्रोत्साहित करना चाहिए। होशराम के केस में परिवार की स्थिति का पता कराया जाएगा। जो भी संभव मदद हो पाएगी, कराई जाएगी। सामाजिक संगठनों को भी होशराम के परिवार की मदद करनी चाहिए -उमेश मिश्रा, डीएम, बिजनौर