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गृहविज्ञान भी बन गया है स्कोरिंग विषय

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गृहविज्ञान भी बन गया है स्कोरिंग विषय
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बिजनौर। यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की छात्राओं के लिए डिवीजन मेंटेन करने के लिए गृहविज्ञान महत्वपूर्ण विषय है। नये पैटर्न में गृहविज्ञान विषय गणित की तरह स्कोरिंग विषय बन गया है। छात्राओं को एनसीईआरटी किताबों से नोट्स तैयार करने हैं। साथ ही फोर डी फार्मूला पर अमल करके तैयारी करनी है। अब तक इंटर गृहविज्ञान का पेपर लैंदी होता था। पेपर कंप्लीट हल करने के लिए समय कम पड़ा जाता था। विषय में नाइंटी प्लस मार्क्स लाना टेढ़ी खीर था, लेकिन यूपी बोर्ड ने पिछले साल से गृहविज्ञान का पाठ्यक्रम तथा पेपर का पैटर्न पूरी तरह बदल दिया है। पेपर को मैथेमैटिकल बना दिया गया है। थोड़ी से परिश्रम तथा टु दी प्वाइंट जवाब देने से अच्छे अंक हासिल किए जा सकते हैं। केपी एस इंटर कॉलेज बिजनौर की गृहविज्ञान प्रवक्ता बबिता रानी के अनुसार एनसीईआरटी बेस्ड होने से पेपर सिलेक्टिव हो गया है। चैप्टर के अनुसार अंक विभाजन है। इससे छात्राओं को सवालों के जवाब याद करने में आसानी रहती है। बताया कि अब छात्रों को फिजूल में कापी भरने की जरूरत नहीं है। अति लघु उत्तरीय सवाल का जवाब 25 शब्दों में, लघु उत्तरीय सवालों का जवाब 50 शब्दों में तथा विस्तृत उत्तरीय सवालों का जवाब 100 शब्दों में देना है। बबिता रानी के अनुसार पेपर में एक एक अंक के 20 बहुविकल्पीय सवाल, एक एक अंक के 10 अति लघु उत्तरीय सवाल, दो दो अंक के 10 लघु उत्तरीय सवाल, पांच पांच अंक के चार दीर्घ उत्तरीय सवाल होंगे। जवाबों को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित करें। एनसीईआरटी की किताबों से ही नोट बनाएं। किताबों के आखिर में दी गई समरी को अच्छी तरह से पढ़ें। अधिकांश सवाल समरी में दिए सवालों से जुड़े होते हैं। बोर्ड से जारी सैंपल पेपर जरूर हल कर लें। टीचर से पेपर बनवाकर उसे तीन घंटे के समय में हल करके देखें। यदि टाइम मैनेजमेंट में कहीं कमी दिखती है तो उसे दूर कर लें। बताया कि अच्छे मार्क्स लाने में पढ़ाई के फोर डी फार्मूला पर ध्यान दें। फार्मूला है डिजायर, डेडीकेशन, डायरेक्शन तथा डिसीप्लीन।
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