नजीबाबाद के सेंट मेरीज अस्पताल के निकट जल भराव से गुजरते वाहन।
नजीबाबाद। मेरठ-पौड़ी हाईवे पर सेंट मेरिज अस्पताल के निकट भारी जलभराव से यातायात कई दिन से प्रभावित है। नायब तहसीलदार के नेतृत्व पहुंची टीम ने जलभराव से क्षेत्र को मुक्त करा कर यातायात सुचारू कराया। जलभराव से निपटने के लिए सात माह से मंडी परिषद लखनऊ कार्यालय में नाला निर्माण की अनुमति फाइलों में धूल फांक रही है।
मेरठ-पौड़ी मार्ग पर सेंट मेरिज अस्पताल के आसपास जल निकासी की व्यवस्था न होने पर हाईवे पर कई दिन से भारी जलभराव है जगह-जगह मार्ग गड्ढों में तब्दील है। एसडीएम के निर्देशन में टीम पहुंची और नायब तहसीलदार सार्थक चावला ने पालिका और हाईवे अथॉरिटी टीम को मौके पर बुलाकर जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए अभियान चलाया। ईओ राजीव कुमार हाईवे अथॉरिटी के कंपनी प्रतिनिधि एके यादव, राजस्व विभाग के गोविंद सिंह के नेतृत्व में टीम ने खस्ताहाल हाईवे पर जलभराव निकासी के साथ यातायात सुचारू कराया।
डीएम उमेश मिश्रा, एसडीएम विजय वर्धन तोमर ने हाईवे जल निकासी व क्षेत्र का पानी नगर सीमा और रेलवे लाइन तक पहुंचने से रोकने के लिए विनियमित क्षेत्र के खर्च से नाला निर्माण योजना बनाई थी।
कृषि उत्पादन मंडी के उच्चाधिकारियों से मंडी समिति परिसर से नाला निर्माण कराने की अनुमति पिछले सात माह से मंडी परिषद लखनऊ कार्यालय में लंबित है और नाला निर्माण अधर में लटका हुआ है। जिससे नागरिकों को जलभराव की जटिल समस्या से जूझना पड़ रहा है।