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पंचायतों की तस्वीर बदलने को उच्च शिक्षित युवक चुनाव मैदान में

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पंचायत चुनाव में उच्च शिक्षित युवाओं ने ठोकी ताल
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बिजनौर। जिले की ग्राम पंचायतों में पिछले पंचायत चुनाव के मुकाबले इस बार प्रधानों की तस्वीर बदली नजर आ सकती है। इस बार बड़ी संख्या में उच्च शिक्षित युवक चुनाव मैदान में हैं। स्नातक व स्नातकोत्तर डिग्री धारक महिलाएं भी प्रधान के चुनाव में काफी संख्या में ताल ठोक रही हैं। जिले में 1123 ग्राम पंचायत हैं। इनमें 7570 दावेदार प्रधान पद के लिए चुनाव मैदान में हैं। यह देखने में आया है कि पिछले पंचायत चुनावों में कुछ गिने चुने परिवारों से ही पारंपरिक रूप से प्रधान बनते रहे हैं। कुछ सालों से राजनीतिक चेतना आई है। खास तौर पर युवाओं का राजनीतिक नजरिया बदला है। इसलिए वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में बड़ी संख्या में युवा चुनाव मैदान में हैं। इनमें हाईस्कूल पास से लेकर स्नातक, स्नातकोत्तर व टेक्निकल शिक्षा प्राप्त युवक है।
केस नंबर-1
हल्दौर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बल्दिया से विनीत कुमार प्रधान पद के दावेदार हैं। वह विज्ञान स्नातक हैं। इसके बाद कानपुर से शुगर टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा किया है। वह हरियाणा राज्य के रोहतक स्थित शुगर मिल में नौकरी कर रहे हैं। बताया कि वह एक बार रोहतक जिले के सांपला ब्लॉक की पंचायत वालियां में गए थे। उस गांव की प्रधान महिला है। उन्होंने आइएएस से त्यागपत्र देकर प्रधान का चुनाव लड़ा था। उन्हीं से प्रभावित होकर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
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केस नंबर 2
प्रशान्त कुमार चांदा नंगली पंचायत से उम्मीदवार हैं। बीएससी कृषि है। धामपुर चीनी मिल में जोनल अधिकारी है। बताया कि उनके ताऊ डॉ. यशपाल सत्य विश्व स्तर के वैज्ञानिक व आईआईटी में प्रोफेसर थे। जिले में जैविक खेती उन्हीं की देन है। पिता शूरवीर एमएससी हैं।
केस नंबर 3
नजीबाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत पूरनपुर नरोत्तम से निशा रानी चुनाव लड़ रही हैं। उनके पति मनोज कुमार वायुसेना में रहे हैं। मनोज कुमार ने कारगिल आपरेशन में भाग लिया है। सेवानिवृत्त के बाद वह स्टेट बैंक में नौकरी कर रहे हैं। निशा ने बताया कि पति की देशभक्ति उनकी प्रेरणा है। गांव भक्ति भी देश भक्ति का अंग है।
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केस नंबर 4
सुमन रानी कुम्हारपुरा पंचायत से चुनाव मैदान में हैं।वह एमए, एलएलबी हैं। वह बताती है कि उनके ससुर नरदेव सिंह स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उन्होंने सर्व समाज की शिक्षा के लिए आंदोलन चलाया था। महिलाओं के उत्थान को काम किए।
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