बिजनौर। तापमान में बढ़ोतरी होने से लोगों को गर्मी सताने लगी है। बृहस्पतिवार को भी लू के थपेड़ों से तापमान में उछाल आया। जिले का पारा 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में मरीजों में डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ने लगी है। ऐसे में खासकर छोटे बच्चे लू की चपेट में आने का ज्यादा खतरा है।
मौसम में बदलाव से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। वहीं, दिन में 15 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से लू चली। दोपहर के लू के थपेड़ों से बाइक सवारों का बुरा हाल हो गया। धूप इतनी तेज कि मानों से कोई आग की भट्ठी धधक रही है। पूरे दिन लोग परेशान रहे। घरों में पंखे चलने पर भी उमस से लोगों का पसीना छूटता रहा। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा। नगीना स्थित कृषि वेधशाला के प्रेषक सतीश कुमार का कहना है कि आगामी कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो सकता है।
तैयारियों में जुटा है स्वास्थ्य विभाग
लू से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग तैयारियां में जुटा है। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में 10 बेड लू से प्रभावित मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। वहीं, सीएचसी पर भी लू के मरीजों के लिए पांच बेड आरक्षित किए गए। इसके अलावा आरक्षित वार्ड में एसी, ऑक्सीजन सिलिंडर, दवाइयां आदि का व्यवस्था की जा रही है। वहीं, सीएमओ कार्यालय से रैपिड टीम लू के मामलों की निगरानी करेगी।
अस्पताल पहुंचने लगे डिहाइड्रेशन के मरीज
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. राजेश डाबरे ने बताया कि अभी डिहाइड्रेशन के एक-दो मरीज ही पहुंच रहे हैं। लेकिन आने वाले दिनों में डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ेगी। इसलिए, लू से बचाव जरूरी है। लू लगने पर उल्टी-दस्त, सिर दर्द, पानी की कमी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसलिए, तरल पदार्थों का ज्यादा सेवन करें।
बच्चों को थोड़ी-थोड़ी में पिलाएं पानी
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार का कहना है कि डायरिया से पीड़ित बच्चे अस्पताल आ रहे हैं। इसलिए, सावधानी जरूरी है। बच्चों को दोपहर में घर से बाहर लेकर नहीं निकलें। साथ ही थोड़ी-थोड़ी पानी पिलाएं।
लू से बचने के लिए बरतें ये सावधानी
-प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी, ओआरएस, नींबू पानी, लस्सी, छाछ, नारियल पानी का सेवन करें
-दोपहर 12 बजे से चार बजे के बीच बाहर जाने से बचें
-घर से बाहर निकलते समय सिर, गर्दन और कानों को कपड़े या टोपी से ढकें
-सूती और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें
-गर्मी में हल्का भोजन खाएं