बिजनौर, जलीलपुर/चांदपुर। क्षेत्र की पांडवनगर पुलिस चौकी से हस्तिनापुर होकर मेरठ जाने वाले वाहन चालक कम दूरी के लालच में जोखिम उठाकर क्षतिग्रस्त सड़क से आवागमन करने को मजबूर हैं। क्षतिग्रस्त सड़क से जोखिम लेकर सैकड़ों वाहन चालक रोजाना आवागमन कर रहे हैं। हस्तिनापुर से पहले तिराहे तक क्षतिग्रस्त सड़क में एक स्थान पर पानी के बहाव से करीब बीस फीट गहरा गड्ढा बना है।
जलीलपुर व मेरठ के हस्तिनापुर के बीच गंगा पर पुल निर्माण हुए करीब चार वर्ष हो चुके हैं। पुल व अन्य कार्यों पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी आमजन को इसका पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। इस मार्ग से उत्तराखण्ड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों के लिए आवागमन होता है। जलीलपुर क्षेत्र में पांडवनगर पुलिस चौकी से हस्तिनापुर की ओर पहले तिराहे तक सड़क वाहन चलाने योग्य नहीं है। सड़क में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर गढ्ढे बने हैं।
करीब दो साल पहले गंगा के पानी से कटी सड़क की पटरी आज भी मरम्मत के अभाव में ऐसी ही पड़ी है। गंगा पुल व हस्तिनापुर के बीच बरसात के मौसम में पानी के बहाव से कटी सड़क गहरे गड्ढे में बदल गई है। कम दूरी के लालच में वाहन चालक इस जोखिम भरी सड़क पर खिंचे चले आते हैं। कम दूरी के चलते जोखिम उठाकर सफर करना मजबूरी है।
- गड्ढों में चलना मजबूरी 60 किलोमीटर दूरी होती है कम
हस्तिनापुर गंगा पुल के दोनों ओर करीब दस किलोमीटर की सड़क दो साल से क्षतिग्रस्त है। वाहन चालक दूरी बचाने के प्रयास में क्षतिग्रस्त सड़क पर ही आवाजाही को मजबूर हैं। जलीलपुर क्षेत्र के गांवों से हस्तिनापुर गंगा पुल से होकर हस्तिनापुर की दूरी 20 किलोमीटर, मवाना 30 किलोमीटर, मेरठ 55 किलोमीटर पड़ती है। वाया बिजनौर होकर हस्तिनापुर 80 किलोमीटर, मवाना 90 किलोमीटर व मेरठ 120 किलोमीटर पड़ता है।
- चार राज्यों को जोड़ता है यह मार्ग
राज्य दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड राज्य के साथ ही उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, हापुड़ आदि जिले को जोड़ता है।
- वर्जन
लोक निर्माण विभाग मेरठ के अधिशासी अभियंता ने बताया सड़क निर्माण के प्रस्ताव भेजे हुए। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा।