संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार सुपरवाइजर्स एसोसिएशन की हुई बैठक में सुपरवाइजर्स की समस्याओं पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने दो टूक कहा कि कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रविवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त कर्मचारी परिषद कार्यालय पर हुई बैठक में जिलाध्यक्ष शारदा रानी ने कहा की जनपद में सुपरवाइजर के स्वीकृत 121 पद के सापेक्ष मात्र 30 मुख्य सेविकाएं तैनात हैं। कहा कि प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा उच्च अधिकारियों के नाम पर अनावश्यक रूप से स्पष्टीकरण कर मुख्य सेविकाओं का मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। नजीबाबाद प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी का माह अप्रैल का वेतन भी बिना कारण रोका गया। संबंद्धीकरण के नाम पर मुख्य सेविकाओं को परेशान किया जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि सितंबर माह का वेतन नहीं दिया और न ही एसीपी सही किया गया। कहा कि मानव संपदा पर अवकाश एवं उनकी ज्वॉइनिंग भी समय से अप्रूव नहीं की जा रही है। कर्मचारियों का कैशलेस हेल्थ कार्ड नहीं बनवाया गया है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष देशराज सिंह ने भी अपने विचार रखे। जिला मंत्री भावना भारद्वाज के संचालन में हुई बैठक में मुख्य सेविका आभा राजपूत, अनिता कुमारी, किरण वर्मा, रजनी, हंसा देवी, हेमलता, हेमलता देवी, पुष्पा, रेखा अंबेडकर, शोभा वर्मा फुलवंती देवी आदि उपस्थित रहे।
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