गांव मलकपुर में शुक्रवार को गुलदार ने बालिका को मार डाला था
वन विभाग की टीम गांव में ही कैंप किए हुए
संवाद न्यूज एजेंसी
नहटौर (बिजनौर)। गांव मलकपुर में शुक्रवार को गुलदार के हमले में हुई तान्या पुत्री बिलंद की मौत से क्षेत्र में दहशत है। मलकपुर और आसपास के गांव टपरौला, गारोपुर, फिरोजपुर के लोग समूह में भी जंगल जाने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे ज्यादा समस्या पशुओं के चारे की है। पशुओं को सूखा भूसा आदि खिलाकर काम चलाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि जिस नहर की पटरी पर गुलदार ने घटना को अंजाम दिया, उस नहर में बड़ी बड़ी झाडि़यां उगीं हैं, जो गुलदार के छिपने के लिए मुफीद है। आए दिन गुलदार यहां दिखाई देता रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से झाड़ियों को कटवाकर साफ सफाई कराने की मांग की।
उधर, वन विभाग की टीम गुलदार को पकड़ने के लिए मौके पर ही कैंप किए हुए है। ग्रामीण भी पूरा सहयोग कर रहे है। वन दरोगा लखमीचंद ने बताया कि गुलदार अभी पिंजरों में नहीं आया है। गुलदार को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
खाते में नहीं आया मुआवजा
तान्या के पिता बिलंद ने बताया कि शुक्रवार को सीएचसी में मौजूद तहसीलदार पवन कुमार, रेंजर गोविंदराम गंगवार आदि ने उसे चौबीस घंटे में मुआवजा उनके खाते में भिजवाने का आश्वासन दिया गया था। मगर, चौबीस घंटे बीतने के बाद भी मुआवजा खाते में नहीं आया।