बिजनौर। खंड विकास अधिकारी की सहमति के बिना कोई भी हैंडपंप रिबोर नहीं कराया जा सकेगा। रिबोर कराने की स्थिति में पुराने पाइप को ब्लॉक में जमा करना होगा।
सोमवार को कलक्ट्रेट में डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने पंचायत राज विभाग से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य वित्त आयोग टाइड फंड और अनटाइड फंड में जो धनराशि उपलब्ध कराई गई है, उसका उपयोग निर्धारित कार्यों में ही कराया जाए। कोई भी नया हैंडपंप न लगाया जाए। जिन हैंडपंपों का रिबोर किया जाना बहुत जरूरी है, उसके लिए संबंधित खंड विकास अधिकारी की सहमति प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि रिबोर में निकलने वाले पुराने पाइप को ब्लॉक कार्यालय में जमा कराया जाना चाहिए। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि शासन की ओर से जिन निधियां में धनराशि का आवंटन किया गया है, उनके व्यय की समीक्षा की जाए।
डीएम ने पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रतीक्षालय बनाने से पूर्व उसके लागत का आकलन किया जाए। जिस स्थान पर प्रतीक्षालय बनाया जा रहा है, शहरी क्षेत्र में हो तो अधिशासी अधिकारी नगर निकाय तथा ग्रामीण क्षेत्र में हो तो उसके मेंटेनेंस का दायित्व संबंधित खंड विकास अधिकारी द्वारा किया जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी शाश्वत आनंद सिंह, अपर जिला पंचायत राज अधिकारी रिजवान अहमद, जिला समन्वयक लव कुमार सहित पंचायत राज विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।