बिजनौर में मिलों को दिए जाने वाले 14 दिन पूर्व तक के गन्ने का एकमुश्त भुगतान कराने की मांग को लेकर भाकियू ने जिले भर में प्रदर्शन किया। भाकियू ने मिलों के बाहर प्रदर्शन करते हुए डिस्टलरियों पर ताला जड़ दिया। किसानों ने मिलों के गेट पर भी ताला जड़कर चीनी, शीरा व खोई का मिल से बाहर निकलना बंद करा दिया। किसान मिलों के गेट पर ताला बंदी कर और भाकियू का झंडा लगाकर चले गए।
चड्ढा ग्रुप की बिजनौर शुगर मिल पर भाकियू के संगठन भारतीय किसान दल के कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष अतुल कुमार के नेतृत्व में मिल गेट पर इकट्ठा हुए। किसानों ने एकमुश्त गन्ना भुगतान की मांग करते हुए मिल गेट पर अपना ताला जड़ दिया और गेट पर भाकियू का झंडा लगा दिया। अतुल कुमार ने कहा कि तीन साल तक मूल्य न बढ़ने के बाद भी शुगर मिलें किसानों को एकमुश्त भुगतान भी नहीं दे रही है। जीएम केन ओमवीर सिंह ने किसानों से वार्ता का प्रयास किया तो किसान 14 दिन पूर्व तक दिए गए गन्ने के एकमुश्त भुगतान की मांग पर अड़ गए। किसानों ने मिल अधिकारियों की एक नहीं सुनी। मिल पर तालाबंदी के बाद किसान घर लौट गए। इस दौरान पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन करने वालों में विजेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, अमित कुमार, डा.ओमपाल सिंह, चांदवीर सिंह, ओमवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
स्योहारा में भारतीय किसान यूनियन द्वारा शुगर मिल की डिस्ट्रीलरी के मेन गेट पर धरने पर बैठ थे। मांग की गई कि गन्ने का एक मुश्त 14 दिन में भुगतान किया जाए। किसानों ने जैविक खाद पर बढ़ी हुई कीमत को कम करने व पैड़ी, सामान्य रिजेक्ट गन्ने का इंडेंट नियमानुसार जारी करने की शर्त रखी। चीनी मिल के अधिशासी उपाध्यक्ष गन्ना ब्रिजेश शर्मा ने इंडेंट नियमानुसार जारी करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर बुढ़नपुर ब्लॉक अध्यक्ष पृथ्वी सिंह, नूरपुर ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण, मनोज कुमार विश्नोई, देवराज सिंह, अमर सिंह आदि मौजूद रहे।
चांदपुर में मिल द्वारा घोषित सरकार गन्ना मूल्य के अनुसार भुगतान न करने तथा सभी जातियों का गन्ना खरीद न होने के विरोध में भाकियू ने चांदपुर शुगर मिल गेट पर धरना दिया और मिल गेट पर तालाबंदी कर दी। किसानों ने कहा कि सरकार ने गन्ना मूल्य 280-290 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। मिल द्वारा किसानों के गन्ने का भुगतान 230 रुपये प्रति क्विंटल किया जा रहा है। किसानों ने सरकार द्वारा घोषित गन्ना मूल्य 280-290 रुपये प्रति क्विंटल एक मुश्त भुगतान करने, सभी प्रजातियों का गन्ना खरीदने की मांग की। समस्या का समाधान न होते देख किसानों ने मिल के गेट पर तालाबंदी कर दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम विनीत श्रीवास्तव, सीओ अजय कुमार ने किसानों को काफी समझाने की कोशिश की। रामपाल सिंह की अध्यक्षता व कल्याण सिंह के संचालन में चले धरने पर कुलदीप सिंह, शेर सिंह, चौधरी लुधियान सिंह, मुखिया रामफल सिंह, अशोक कुमार, शीशपाल सिंह, दलेल सिंह, ऋषिपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
हल्दौर में किसानों ने गन्ना मूल्य का एक मुश्त भुगतान करने समेत कई मांगों को लेकर बिलाई शुगर मिल पर बृहस्पतिवार को धरना दिया। जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह तथा जिला उपाध्यक्ष सुनील प्रधान के संयुक्त नेतृत्व में मेन गेट पर ताला जड़ दिया।
एसडीएम सदर अजय तिवारी तथा डीसीओ ओपी सिंह मौके पर पहुंचे। किसानों की मौजूदगी में मिल अधिकारियों से बात की। डीसीओ ने बताया कि मिल द्वारा चीनी बिक्री के लिए उठाने से पहले उन्हें अर्थात डीसीओ को सूचित करने, चीनी की बिक्री में तेजी लाकर भुगतान करने की बात तय हुई। मिल प्रबंधन को हिदायत दी मैली पहले किसानों को बेची जाए। फालतू होने पर ठेकेदार को बेचें। शीरे की बिक्री पर पाबंदी रहेगी। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। डीसीओ ने बताया कि बरकातपुर शुगर मिल ने पंद्रह करोड़,चांदपुर ने 29 करोड़,बिजनौर ने बीस करोड़, धामपुर ने दस करोड़ तथा बिलाई ने दो करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया।
नजीबाबाद में एक मुश्त गन्ना भुगतान को लेकर प्रांतीय आह्वान पर भाकियू ने उत्तम शुगर मिल बरकातपुर चीनी मिल के डिस्टलरी प्लांट पर तालाबंदी की। प्रांतीय उपाध्यक्ष चौधरी बलराम सिंह, दिगंबर सिंह, लाल सिंह, अब्दुल समद, अवनीश कुमार, हुकुम सिंह, अजय कुमार, धर्मेंद्र राणा व विजयपाल के नेतृत्व में किसानों ने मिल में घुसने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस की किसानों से नोकझोंक हुई।
मिल प्रशासन ने पांच किसानों को डिस्टलरी प्लांट पर तालाबंदी की अनुमति दी। एसडीएम सहदेव मिश्र एवं सीओ संजय राय की उपस्थिति में मिल के प्रधान प्रबंधक नरपत सिंह, डीजीएम केन धमेंद्र सिंह, सीनियर केन मैनेजर एसएस ढाका ने मिल प्रशासन की ओर से सोमवार तक 15 करोड़ का भुुगतान करने तथा मार्च तक निर्देशानुसार भुगतान प्रक्रिया सुचारू कराने का आश्वासन दिया।
उन्होंने एक मार्च को कलक्ट्रेट पर आंदोलन की चेतावनी के साथ प्रदर्शन खत्म किया।
द्वारिकेश शुगर मिल बुंदकी गेट पर किसानों ने प्रदर्शन कर बुंदकी मार्ग जाम कर दिया। एसडीएम अंजुलता व थानाध्यक्ष नगीना जसपाल पंवार की उपस्थिति में किसानों ने मिल की डिस्टलरी प्लांट में तालाबंदी की। प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में चीनी मिल के उपाध्यक्ष वर्क्स बीपी दीक्षित, डीजीएम गन्ना पशुरामपुरिया, डीजीएम एचआर एसएस शेखावत ने मिल मालिकों की ओर से सरकार के निर्देशानुसार गन्ना भुगतान जारी रखने की जानकारी दी। मिल द्वारा किसानों को 230 के बजाय 240 रुपये प्रति कुंतल गन्ना भुगतान किया जा रहा है।
उन्होंने 11 फरवरी तक का भुगतान करने और 12 से 18 फरवरी तक का भुगतान किसानों को मिलने की जानकारी दी। इसमें वीर सिंह, मंडल उपाध्यक्ष ठाकुर गजेंद्र सिंह, होशियार सिंह, बाबूराम, इनामुल्ला खां, कृष्णपाल, देवदत्त शर्मा आदि शामिल हुए।
एसडीएम के हस्तक्षेप से धरना खत्म
धामपुर में एकमुश्त गन्ना मूल्य पेमेंट दिलाने की मांग को लेकर भाकियू की ब्लाक कार्यकारिणी ने बृहस्पतिवार को केमिकल प्लांट के बाहर धरना दिया। धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम सतेंद्र कुमार सिंह की मध्यस्थता से वार्ता के बाद भाकियू ने धरना को खत्म कर दिया। वार्ता में एसडीएम ने मिल प्रशासन तंत्र से किसानों को बकाया गन्ना मूल्य के रूप में 10 करोड़ रुपये का चेक के माध्यम से मौके पर ही भुगतान करा दिया। उधर, अफजलगढ़ में भी भाकियू ने चीनी मिल पर प्रदर्शन कर एकमुश्त भुगतान को मिल अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
भाकियू कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को गन्ना समिति परिसर में एकत्र हुए। वहां उन्होंने पहले मीटिंग की। बाद में चीनी मिल के खिलाफ नारेबाजी कर केमिकल प्लांट पर पहुंचे और वहां एकमुश्त गन्ना मूल्य का भुगतान कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। इस मौके पर ब्लाक अध्यक्ष नहटौर पुरुषोत्तम सिंह ने कहा जब वे चीनी मिल को गन्ना बेच रहे हैं तो मिल को भी उनके गन्ना मूल्य का एकमुश्त भुगतान करना चाहिए। ऐसा न होने से उनके सामने दिक्कत आ रही है। इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
धरने में विजयपाल सिंह, प्रेमपाल सिंह, हरिराज सिंह, चेतन सिंह, रघुवीर सिंह, राम कुुमार सिंह, राजवीर सिंह, घनश्याम सिंह आदि शामिल रहे। धरना करीब तीन घंटे तक चला। बाद में किसानों के आग्रह पर एसडीएम सतेेंद्र कुमार सिंह के हस्तक्षेप के बाद समझौता वार्ता हुई। इसमें चीनी मिल ने किसानों को मौके पर ही 10 करोड़ के चेक काटकर भुगतान कर दिया। किसानों को लिखित में आश्वस्त किया अगले सप्ताह से प्रदेश सरकार के आदेशानुसार चीनी मिल प्रथम किश्त के रूप में दिए जा रहे भुगतान को मानक अनुसार 14 दिन में करना शुरू कर देंगी। वार्ता में सीओ अशोक कुमार यादव, एजीएम (प्रशासन) विजय गुप्ता, जीएम (गन्ना) आजाद सिंह, उप महाप्रबंधक (गन्ना) कुलदीप शर्मा, प्रबंधक (गन्ना) ओमवीर सिंह, ओपी वर्मा ,मनोज चौहान रहे।