बिजनौर का रावली क्षेत्र जो होगा हैदरपुर वेटलैंड में शामिल।
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रावली तक बढ़ेगा हैदरपुर वेटलैंड का दायरा
बिजनौर। अब बिजनौर के रावली तक का क्षेत्र हैदरपुर वेटलैंड में शामिल होगा। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। रावली तक का क्षेत्र वेटलैंड में शामिल होने से यहां भी पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिए अभियान चलाया जाएगा। पर्यटकों को भी यहां पर प्रकृति के नजारे देखने को मिलेंगे। इसे जल्दी ही मंजूरी मिलने का अनुमान है।
गंगा किनारे बसा हैदरपुर वेटलैंड बिजनौर और मुजफ्फरनगर की सीमा पर है। यह एक झील से जुड़ा हुआ दलदली क्षेत्र है। हैदरपुर वेटलैंड का रकबा छह हजार 900 हेक्टेयर है। हैदरपुर वेटलैंड में अब तक 312 प्रजाति के पक्षी मिल चुके हैं। वेटलैंड घोषित होने के बाद से यहां पर काफी काम हुआ है। पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिए अभियान चलाया गया है। पर्यटकों के घूमने के लिए सीट, वॉच टावर आदि बनाए गए हैं। उनके घूमने के लिए साइकिल की भी व्यवस्था की गई है।
हैदरपुर वेटलैंड के बाहर का भी काफी हिस्सा दलदली व गंगा के डूब क्षेत्र की ही तरह है। यहां पर भी देशी व विदेशी पक्षियों की भरमार है। पक्षियों की भरमार व बाकी परिस्थितियों को देखते हुए रावली को भी हैदरपुर वेटलैंड में शामिल होने के लिए प्रस्ताव वन विभाग द्वारा शासन को भेजा गया है। ये एरिया भी वेटलैंड में शामिल होने से यहां भी पशु पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। पर्यटकों को घुमाने आदि की भी व्यवस्था की जाएगी। गंगा की धारा से तमाम सुंदर नजारे देखे जा सकेंगे। फरवरी में होने वाले बर्ड फेस्टिवल में इस एरिया को भी शामिल किया जाएगा।
डीएफओ डा.एम सेम्मारन के अनुसार रावली तक का एरिया हैदरपुर वेटलैंड में शामिल कराने के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। इसे जल्दी ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है।