बिजनौर। अब प्रवासी पक्षियों का बसेरा गंगा बैराज के पास देर तक रहेगा और मार्च से पहले हैदरपुर वेटलैंड का पानी भी नहीं सूखेगा। सिंचाई विभाग, राजस्व और वन विभाग के बीच इसे लेकर सहमति बन गई है। वहीं शासन की टीम ने भी इसकी सिफारिश की थी। अब बैराज की अपस्ट्रीम में मार्च तक 220 मीटर जलस्तर बनाया जाएगा।
बिजनौर गंगा बैराज के पास हैदरपुर वेटलैंड को रामसर साइट का दर्जा मिल चुका है। यहां पर तीन सौ से ज्यादा देशी व प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां देखने को मिलती हैं और अक्तूबर से मार्च तक प्रवासी पक्षियों का बसेरा रहता है। यहां पर करीब 20 हजार से ज्यादा पक्षी सर्दियों भर अपना डेरा डाले रहते हैं। इस बार फरवरी में ही सिंचाई विभाग ने गेट खोलकर झील का पानी निकाल दिया। इसके बाद प्रवासी पक्षी झील छोड़कर दूसरे क्षेत्रों की ओर जाने लगे। इसके बाद खादर क्षेत्र में हैदरपुर वेटलैंड की जमीन पर अवैध खेती का खुलासा भी हुआ।
शासन की टीम ने भी यहां का निरीक्षण किया तो पाया समय से पहले पानी छोड़ना जहां पक्षियों के लिए नुकसान दायक है। वहीं अवैध खेती को इससे बढ़ावा मिलता है। इसके बाद मुजफ्फरनगर और बिजनौर के राजस्व और सिंचाई व वन विभाग के अफसरों के बीच भी बैठकें हुई। इसमें बैराज के ऊपर का जलस्तर 220 मीटर रखने पर सहमति बन गई।
अवैध खेती पर लगेगी लगाम, डूबी रहेगी जमीन
खादर क्षेत्र में गेहूं की खेती बड़े क्षेत्रफल में होती है। इस बार अवैध खेती को लेकर भी दोनों जिलों के अफसरों ने भी खूब भागदौड़ की। पता चला तीन हजार बीघा से भी ज्यादा में अवैध रूप से गेहूं की बुवाई कर दी गई थी। अब बैराज से ऊपर 220 मीटर जलस्तर बना रहने से यह अधिकांश क्षेत्र पानी में डूबा रहेगा और अवैध खेती पर भी रोक लग जाएगी।
तीनों विभागों की जलस्तर पर सहमति बन गई है। जलस्तर करीब 220 मीटर रहना है। सिंचाई विभाग भी इसके लिए तैयार है। ऐसा होने पर प्रवासी पक्षी यहां देर तक रुके रहेंगे।
ज्ञान सिंह, एसडीओ वन विभाग