किसान यशपाल के घर में मंगलवार की शाम छह बजे घुस गया था गुलदार
वन विभाग के मुताबिक पकड़ा गया गुलदार नर है, जिसकी उम्र करीब दो साल
स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिवालिक वन प्रभाग सहारनपुर भेजा गया
संवाद न्यूज एजेंसी
स्योहारा (बिजनौर)। ग्राम अमीरपुर में मंगलवार की शाम छह बजे किसान यशपाल पुत्र नरेंद्र के घर में घुसे गुलदार को रात्रि एक बजे वन विभाग की टीम ने पिंजरे में बंद कर लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित धामपुर ले जाया गया, जहां से उसे स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिवालिक वन प्रभाग सहारनपुर भेजा गया है। इस नर गुलदार की उम्र करीब दो साल बताई गई है।
मंगलवार की शाम छह बजे एक गुलदार ग्राम अमीरपुर निवासी यशपाल के घर में जा घुसा था। उस समय यशपा और उनकी पत्नी बबीता एक कमरे में पूजा कर रहे थे जबकि पुत्र विक्रांत बरामदे में स्थित रसोई के पास खाना खा रहा था। उसके शोर मचाने पर यशपाल ने गुलदार को कमरे में ही बंद कर दिया था।
सूचना मिलने पर डेढ़ घंटे बाद पहुंची वन विभाग की टीम ने मोर्चा संभाला था। बिना पिंजरे और चिकित्सक के वन विभाग की टीम खाली हाथ बैठी रही। आधी रात एक बजे पिंजरा आने पर वन विभाग के डिप्टी रेंजर हरदेव सिंह, वन दरोगा विजय भारत व तेजपाल सिंह ने गुलदार को पिंजरे में कैद किया। वन दरोगा का कहना है कि गुलदार को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिवालिक वन प्रभाग सहारनपुर भेज दिया गया है। उच्चधिकारियों के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने जारी किया क्यूआर कोड
आम आदमी को गुलदार से बचाव के तरीके सिखाने के लिए वन विभाग ने एक क्यूआर कोड जारी किया है। इस क्यूआर कोड को स्कैन करते ही वन विभाग द्वारा तैयार की गई एक पीडीएफ खुलती है। इसमें गुलदार से बचाव, उसकी पहचान समेत कई बिंदुओं पर जानकारी दी गई है। इससे पहले वन विभाग गन्ना विभाग, पुलिस विभाग की मदद से जनता से गुलदार से बचाव के तरीके बताने के लिए योजना पर काम कर रहा है।
बिजनौर में गुलदार
- 42 गुलदार इस साल जिलेभर में वन विभाग को मिले हैं
- 18 लोगों की जान गुलदार के हमलों में जा चुकी है
- 50 से ज्यादा लोग गुलदार के हमलों में घायल हो चुके हैं
- 06 गुलदार की दुर्घटनाओं में जिलेभर में हो चुकी है मौत