- प्रशासन ने पंचायत अभिलेखों की निगेहबानी बढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। ग्राम पंचायतों में जीएसटी के भुगतान में हेराफेरी नहीं हो सकेगी। प्रशासन पंचायतों के अभिलेखों पर निगाह रख रहा है। ग्राम पंचायतों का जीएसटी में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। डीपीआरओ सतीश कुमार के अनुसार पंजीकरण नहीं कराने वाली पंचायतों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है।
जिले में 1123 पंचायत हैं। पंचायतों में एक दर्जन से अधिक विकास योजनाएं संचालित हैं। सड़कों, पंचायत घरों, सामुदायिक शौचालय आदि निर्माण कार्य हो रहे हैं। पंचायतों को विकास कार्यों के लिए हर साल करोड़ों का बजट आवंटित होता है। आरोप है कि शासन को ग्राम पंचायतों द्वारा जीएसटी का भुगतान नियमनुसार नहीं करने की शिकायत मिल रही थी।
शासन ने टैक्स चोरी रोकने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए पंचायतों के लिए जीएसटी में पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया है। पंजीकरण नहीं कराने पर कार्रवाई का प्रावधान हुआ। डीपीआरओ सतीश कुमार के अनुसार जीएसटी के तय नियमों का पालन नहीं करने पर पंचायतों के खिलाफ कार्रवाई होगी। पंचायत सचिवों को इस बारे में जरूरी हिदायत दे दी गई है। डीपीआरओ सतीश कुमार के अनुसार पंचायतों के अभिलेखों की गहन जांच हो रही।
ये है जीएसटी भुगतान प्रक्रिया
डीपीआरओ सतीश कुमार के अनुसार शासन से ग्राम पंचायतों में जीएसटी भुगतान की प्रक्रिया तय है। पंचायतों को भुगतान पर 18 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान करना है इस भुगतान में से दो प्रतिशत भुगतान पंचायतीराज विभाग में जमा होना है। जब पंचायत/ ठेकेदार जीएसटी का पूरा भुगतान कर देगा तो पंचायतीराज विभाग में जमा दो प्रतिशत भुगतान की धनराशि पंचायतों को वापस होगी। जीएसटी 02.5 लाख या उससे अधिक भुगतान पर देय है।